नई दिल्ली (जेएनएन)। 1984 सिख विरोधी दंगे की हाई कोर्ट में मंगलवार से रोजाना सुनवाई हो गई है। मंगलवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने कहा कि तीन सप्ताह में सभी अपील पर सुनवाई पूरी करना चाहते हैं। इस मामले में याचिका दायर कर रोजाना सुनवाई की मांग की गई थी, जिसे पीठ ने मंजूर कर लिया। इस केस में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी किये जाने के मामले में भी नियमित सुनवाई हो रही है।

पीड़ितों की तरफ से अधिवक्ता एचएस फूलका ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले को 34 साल बीत गए हैं। आज भी लोग इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप पर सज्जन कुमार के वकील ने कहा था कि अभियोजन पक्ष के गवाहों ने सज्जन कुमार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है।

एक माह पहले ही कोर्ट ने नियमित सुनवाई के दिए थे संकेत
एक माह पहले 14 अगस्त को सिख विरोधी दंगे के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआइ और पीड़ितों की याचिका पर सुनवाई की थी। हाई कोर्ट ने उन पांच लोगों की याचिका पर भी सुनवाई की थी, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने सिख विरोधी दंगों का दोषी ठहराया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस केस में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की जमानत मामले में 11 सितंबर से नियमित सुनवाई होगी। अब कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया है कि इस केस से जुड़ी सभी अपीलों पर बुधवार से नियमित सुनवाई शुरू होगी।

मालूम हो कि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट को एक याचिका के साथ सीडी प्राप्त हुई है। सीडी सज्जन कुमार की है, जिसमें वह सिख विरोधी दंगों में अपनी भूमिका स्वीकारते बताए जा रहे हैं। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। 14 अगस्त को मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार केस में 11 सितंबर से नियमित सुनवाई का आदेश दिया था।

मालूम हो कि सरकारी आंकड़ों में 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में 2800 सिखों के मारे जाने का जिक्र है। इसमें सबसे ज्यादा 2100 सिख दिल्ली में मारे गए थे। सिख विरोधी दंगे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख सुरक्षाकर्मी द्वारा हत्या के विरोध में हुए थे। इसका आसर पूरे देश पर पड़ा था। दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के भी शामिल होने का आरोप है।

Posted By: Amit Singh