नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) के पूर्व निदेशक पर्यावरणविद् डॉ. आरके पचौरी का गुरुवार रात निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। हाल ही में उनकी ओपन-हार्ट सर्जरी की गई थी। मंगलवार से उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। टेरी के मौजूदा महानिदेशक डॉक्टर अजय माथुर ने कहा कि बड़े ही दुख के साथ हम यह जानकारी दे रहे हैं कि टेरी के संस्थापक निदेशक डॉक्टर आरके पचौरी का निधन हो गया है। पूरा टेरी परिवार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है।

वर्ष 2015 में डॉक्टर अजय माथुर ने डॉक्टर पचौरी की जगह टेरी महानिदेशक का पद संभाला था। डॉक्टर माथुर ने कहा कि आज टेरी जो भी है वह डॉक्टर पचौरी की मेहनत का ही फल है। एक शीर्ष संस्थान बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

टेरी के चेयरमैन नितिन देसाई ने कहा डॉक्टर पचौरी का वैश्विक सतत विकास में काफी अहम योगदान है। जलवायु परिवर्तन पर अंतर मंत्रालय पैनल में उनके नेतृत्व ने जलवायु परिवर्तन से संरक्षण के लिए जमीन तैयार की। वर्ष 2015 में उन पर एक महिलाकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।

20 अगस्त 1940 को नैनीताल में जन्मे पचौरी 1981 में टेरी के निदेशक बने थे। 2001 में पचौरी ने इस संस्थान के महानिदेशक का पद संभाला। वर्ष 2007 में पचौरी की अध्यक्षता वाले इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आइपीसीसी) को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पर्यावरण के क्षेत्र में उनके महत्वूपर्ण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2001 में पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया था। अब तक जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े तमाम संस्थानों और फोरम में पचौरी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

Posted By: Manish Pandey

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