नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सौगात देते हुए सरकार ने नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर 62 तक मेट्रो लाइन के विस्तार को मंजूरी दी है। केंद्र ने झारखंड के देवघर में एम्स और हरियाणा में 'फ्रेट विलेज' की स्थापना को भी मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी समिति की बैठक में बुधवार को इस आशय के प्रस्तावों पर मुहर लगायी। कैबिनेट की बैठक में नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर 62 तक दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी दी गयी।

1967 करोड़ रुपये आएगी लागत 

6.675 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो लाइन को बनाने पर 1967 करोड़ रुपये लागत आएगी। इस परियोजना को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन पूरा करेगी। फिलहाल यह लाइन दिल्ली के द्वारका से नोएडा के सिटी सेंटर तक है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि कैबिनेट ने इस परियोजना को सिद्धांतत: मंजूरी दी है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को फायदा होगा। कैबिनेट ने भोपाल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड रिहेबिलिटेशन की स्थापना को भी मंजूरी दी। 

झारखंड के देवघर में बनेगा एम्स

कैबिनेट ने झारखंड के देवघर जिले के देवीपुरा ब्लॉक में एम्स बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 1103 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एम्स में 750 बेड का अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर फेसिलिटी, 100 सीटों की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज, बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों वाला नर्सिंग कॉलेज, 20 स्पेशलिटी और सुपर स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट तथा 15 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसके अलावा इसमें 30 बेड आयुश विभाग के लिए भी होंगे।

लोगों को इलाज की सुविधा मिलेगी

प्रसाद ने कहा कि देवघर में बनने वाले एम्स से न सिर्फ आस पास के लोगों को इलाज की सुविधा मिलेगी बल्कि इससे डाक्टरों, नर्सो और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने में भी मदद मिलेगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में अब तक भुवनेश्वर, भोपाल, रायपुर, जोधपुर, ऋषिकेश और पटना में एम्स स्थापित किए जा चुके हैं जबकि रायबेरली, नागपुर, पश्चिम बंगाल के कल्याणी और आंध्र प्रदेश के गुंटूर में मंगलागिरी में एम्स स्थापित करने का काम चल रहा है।

45 माह में तैयार होगा एम्स 

गोरखपुर में भी एम्स स्थापित करने के लिए कंस्ट्रक्शन के काम का ठेका दे दिया गया है। इसके अलावा बठिंडा, गुवाहटी, बिलासपुर में भी एम्स स्थापित करने को मंजूरी दी जा चुकी है। प्रसाद ने कहा कि देवघर में बनने वाले एम्स के लिए झारखंड सरकार ने 237 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है और इसे 45 माह में तैयार कर लिया जाएगा।

हरियाणा के नांगल चौधरी में बनेगा फ्रेट विलेज

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी समिति ने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत हरियाणा में महेन्द्र गढ़ जिले के नांगल चौधरी में 'फ्रेट विलेज' के नाम से एक इंटीग्रेटेड, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी मुहार लगायी। 'फ्रेट विलेज' दो चरणों में 886.78 एकड़ जमीन पर बनेगा और इसके पहले चरण की लागत 1,029.49 करोड़ रुपये आएगी।

पहला चरण 2020-21 तक पूरा होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से चार हजार प्रत्यक्ष और छह हजार परोक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। यह फ्रेट विलेज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से डाबला में जुड़ेगा। यह रेल लाइन के जरिए प्रमुख उद्योगों और बंदरगाहों से जुड़ा होगा। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 1504 किलोमीटर लंबा है और यह गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैला है।

कैबिनेट की बैठक कुछ और भी बड़े फैसले लिए हैं जो इस प्रकार हैं

- नोएडा सिटी सेंटर से नोएडा सेक्टर 62 तक मेट्रो विस्तार को मंजूरी, इसके लिए 1967 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। 

- झारखंड के देवघर में नया एम्स तैयार किया जाएगा। इसमें 750 बेड होंगे, इसे 45 महीने में तैयार किया जाएगा। 1100 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। 

- डिफेंस सेक्टर को नेटवर्क स्पेक्ट्रम के लिए 11,330 करोड़ मंजूर। 

- दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में लॉजिस्टिक हब को मंजूरी दी गई है। 

- 1504 किमी के वेस्टर्न फ्रेट (माल ढुलाई) कॉरिडोर में फ्रेट गांव भी तैयार किए जाएंगे। 

- हरियाणा के नंदनाल चौधरी गांव को फ्रेट गांव की तरह विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के लिए 1029.49 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। 

- सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए 5000 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दी गई है। 

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By Amit Mishra