जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 37 साल पुराने विमान हाईजैक के एक मामले में पटियाला हाउस कोर्ट से दो आरोपितों को बरी कर दिया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आरोपित तजिंदर पाल सिंह और सतनाम सिंह को सुबूतों के अभाव में राहत दी। हालांकि दोनों आरोपित पाकिस्तान में 14 साल उम्रकैद की सजा काट चुके हैं। मामला 1981 का है जब दिल्ली से श्रीनगर वाया अमृतसर जा रहे इंडियन एयरलाइंस के एक विमान को पांच लोग हाईजैक कर लाहौर (पाकिस्तान) ले गए थे। इसमें 111 यात्री और 6 क्रू मेंबर थे। खालिस्तान समर्थक हाईजैकर्स ने जरनैल सिंह भिंडरवाला को जेल से छुड़ाने की मांग की थी।

हालांकि विमान के लाहौर में पहुंचने के बाद पाकिस्तानी कमांडो ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा भी पाकिस्तान में ही चला था। पाकिस्तान में 14 साल उम्रकैद काटने के बाद जब उन्हें भारत भेजा गया तो भारतीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और देशद्रोह का मामला दर्ज किया, लेकिन आरोप साबित नहीं हो सके।
कोर्ट ने माना कि आरोपित पहले ही पाकिस्तान में सजा काट चुके हैं। आरोपितों के वकील की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई कि इस अपराध के लिए आरोपित उम्रकैद की अधिकतम सजा काट चुके हैं। लिहाजा इस मामले में अब दूसरी सजा देना उनके साथ अन्याय होगा। जिस वर्ष (1981) हाइजैक किया गया, भारत में इस अपराध की सजा सिर्फ 6 महीने थी।
चूंकि मामला पाकिस्तान में चला इसलिए इन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी। पाकिस्तान में सजा पाने वाले अन्य तीन आरोपित भारत नहीं लौटे। इसलिए कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया।

 

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