नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के ओएसडी गोपाल कृष्ण माधव को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआइ ने दिल्ली सरकार के अन्य अधिकारी उदित प्रकाश राय के घर और दफ्तर की तलाशी ली। इसके अलावा दिल्ली सरकार के लगभग एक दर्जन अधिकारी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं। सीबीआइ के अनुसार दिल्ली के जीएसटी विभाग में रिश्वतखोरी का रैकेट चल रहा था, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। वहीं सीबीआइ का कहना है कि इस मामले में मनीष सिसौदिया की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है।

रैकेट का पर्दाफाश

सीबीआइ के अनुसार इस रैकेट का पर्दाफाश बुधवार को रिश्वत की रकम लेते हुए एक दलाल धीरज गुप्ता की रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद हुआ। पूछताछ में धीरज गुप्ता ने सीबीआइ को बताया कि वह गोपाल कृष्ण माधव के कहने पर पैसे ले रहा था। माधव को पिछले साल अक्टूबर में ही दिल्ली सरकार के जीएसटी विभाग में तैनात किया गया था। शुक्रवार को पूछताछ के दौरान माधव ने उदित प्रकाश राय का नाम बताया, जो 2007 बैच के अधिकारी हैं। इसके बाद जांच अधिकारियों ने उदित प्रकाश राय के घर और दफ्तर की तलाशी ली। इसके साथ ही जीएसटी में भी कई अधिकारियों के दफ्तर की तलाशी ली गई।

एक ट्रांसपोर्टर ने की थी शिकायत

सीबीआइ एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक ट्रांसपोर्टर ने जीएसटी में रिश्वतखोरी के बड़े रैकेट की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि जीएसटी को लेकर जब्त ट्रकों को छुड़ाने के लिए लाखों रुपये के रिश्वत मांगे जा रहे हैं। इस शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने जाल बिछाया। धीरज गुप्ता ने उस ट्रांसपोर्टर से उसके दो ट्रकों को छुड़ाने के लिए 3.5 लाख रुपये की मांग की। इस सिलसिले में 2.6 लाख रुपये की रिश्वत लेते समय घात लगाकर बैठी सीबीआइ की टीम ने गुप्ता को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कई और अधिकारियों के यहां हो सकती है तलाशी

सीबीआइ का मानना है कि धीरज गुप्ता दिल्ली जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ दिल्ली सरकार के भी कई वरिष्ठ अधिकारियों के लिए दलाली करता था। गुप्ता से इस संबंध में पूछताछ हो रही है। धीरज गुप्ता के खुलासे के आधार पर आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारियों के यहां सीबीआइ तलाशी ले सकती है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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