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नई दिल्ली, एएनआइ। Harassment allegations against CJI Ranjan Gogoi चीफ जस्टिस गोगोई पर अमर्यादित आचरण का आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ दायर धोखाधड़ी के केस में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने महिला की जमानत रद करने के आवेदन पर सुनवाई टाल दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई तीन मई को होगी।

दरअसल पटियाला हाउस कोर्ट में अमर्यादित आचरण का आरोप लगाने वाली महिला की जमानत रद करने के लिए अर्जी दी गई है।

बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की ही एक पूर्व कर्मचारी ने अमर्यादित आचरण का आरोप लगाया है। जस्टिस गोगोई पर आरोप लगाने वाली पूर्व कर्मचारी ने एफिडेविट देकर दो मौकों का जिक्र किया है। यह दोनों घटनाएं अक्टूबर 2018 की हैं। इससे एक दिन पहले ही जस्टिस गोगोई देश के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए थे।

वकील बेंस कोर्ट में हुए पेश
सीजेआई के खिलाफ बड़ी साजिश का दावा करने वाले वकील उत्सव बेंस बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। उत्सव बेंस ने कोर्ट के सामने अपने सीलबंद लिफाफे में अपने साक्ष्य पेश किए हैं। इस दौरान अदालत ने एसआईटी गठित करने के लिए कहा, जिसकी निगरानी कोर्ट ही करेगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर पेश दस्तावेज मे कही बात सही है तो मामला गंभीर है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता को गंभीर ख़तरा है। इस दौरान कोर्ट ने उत्सव बैंस से पूछा कि आपको इस मामले में क्या कहना है। वकील बैंस ने कहा कि इसके पीछे कारपोरेट साजिश है और ये लोग बहुल शक्तिशाली हैं। बैंस ने कहा कि उनके पास कारपोरेट साज़िश के सीसीटीवी फ़ुटेज हैं जो मामले की जांच मे अहम साबित होंगे। 

बेंस ने किया था ये दावा
अपने आरोप में बैंस ने कहा था कि उनसे एक युवक द्वारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए कहा गया था। साथ ही उस युवक ने ऐसा करने के लिए 1.5 करोड़ का ऑपर भी दिया था।

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Posted By: Mangal Yadav

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