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उत्तर मध्य रेलवे ने रचा हरियाली का ऐतिहासिक कीर्तिमान, सुबेदारगंज में लगा 1.11 करोड़वां पौधा

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:16 PM (IST)

उत्तर मध्य रेलवे ने प्रधानमंत्री मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित होकर 1.11 करोड़ से अधिक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उत्तर मध्य रेलवे ने 1.11 करोड़ से अधिक पौधे लगाए।

  2. 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से मिली प्रेरणा।

  3. प्रयागराज डिवीजन ने सर्वाधिक 43.44 लाख पौधे रोपे।

डिजिटल टीम, प्रयागराज/सुबेदारगंज। भारतीय रेल में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने एक नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावनात्मक अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' से प्रेरणा लेते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में 1,11,11,111 (एक करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह) पौधे लगाने का जादुई और अप्रत्याशित आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

इस विशेष उपलब्धि का जश्न मनाते हुए उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सुबेदारगंज स्थित रेल गाँव में प्रतीकात्मक रूप से 1,11,11,111वां पौधा (लीची, तुलसी और आम का रोपण) लगाकर इस महा-अभियान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। 

प्रयागराज डिवीजन रहा अव्वल, झांसी और आगरा ने भी निभाई अग्रणी भूमिका

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से शुरू हुए इस अभियान के तहत उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने अपने पूरे अधिकार क्षेत्र में कुल दो करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। तीनों रेल मंडलों ने इस दिशा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।  
  • प्रयागराज डिवीजन: 43.44 लाख पौधे लगाकर तीनों मंडलों में शीर्ष स्थान पर रहा।
  • झांसी डिवीजन: 42.09 लाख पौधे रोपकर दूसरे स्थान पर रहा।
  • आगरा डिवीजन: 25.58 लाख पौधों का रोपण कर हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

एक ही दिन में 13 लाख पौधे रोपकर बनाया नया रिकॉर्ड

यह हरित अभियान उस समय अपनी चरम सफलता पर पहुंच गया, जब अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, झांसी, बांदा, मिर्जापुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों के 300 से अधिक रेलवे स्टेशनों और रेल कॉलोनियों में एक ही दिन के भीतर 13 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। 
 
इस विशाल कार्य को सुचारू रूप से अंजाम देने के लिए रेलवे प्रशासन ने अपनी खाली और अप्रयुक्त पड़ी जमीनों की पहचान की, पटरियों के किनारे से कबाड़ व कचरा साफ किया तथा अवैध कब्जे वाली जमीनों को खाली कराकर वहां पौधरोपण किया। इस पूरी कवायद में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और राज्य वन विभागों का भी भरपूर सहयोग मिला। 

यात्रियों को मिलेगी शुद्ध हवा, 2 करोड़ के लक्ष्य की ओर अग्रसर

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मां की ममता के प्रति सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा है। रेलवे परिसरों और पटरियों के किनारे लहराती यह हरियाली रेल यात्रियों और कर्मचारियों को न केवल स्वच्छ हवा और छाया प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।
 
उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पौधे लगाने तक ही यह अभियान सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए सभी 1.11 करोड़ से अधिक पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। उत्तर मध्य रेलवे अब तेजी से अपने अंतिम 2 करोड़ पौधरोपण के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने की ओर बढ़ रहा है।