नई दिल्ली [गौतम कुमार मिश्र]। Nirbhaya Case : डेथ वारंट में तय तिथि के हिसाब से निर्भया के दोषियों को तीन मार्च को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाना है। तीन मार्च की तारीख के मद्देनजर तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार को तीसरी बार पत्र भेजा गया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि डेथ वारंट में तय तिथि से कम से दो दिन पूर्व जल्लाद भेजा जाए। पत्र में कहा गया है कि जल्लाद के आने जाने, दिल्ली में रहने का सारा खर्च तिहाड़ जेल प्रशासन वहन करेगा। एक तरफ जल्लाद के लिए पत्र भेजा जा रहा था जबकि दूसरी ओर जेल प्रशासन के कुछ अधिकारी निर्भया के दोषियों की अंतिम मुलाकात को लेकर पत्र तैयार कर रहे थे।

डेथ वारंट जारी होने के बाद जो भी प्रक्रियाएं हैं उनका पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। दोषियों के परिजनों को पत्र भेज दिया गया है, अब अंतिम मुलाकात का दिन तय किया जाएगा। अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि अंतिम मुलाकात की तिथि एक ही दिन तय की जाएगी या अलग-अलग। परिजनों की ओर से उपलब्ध कराए गई तिथि के आधार पर ही यह तय होगा। जरूरी नहीं कि चारों दोषियों के लिए अंतिम मुलाकात का दिन एक ही हो। जेल प्रशासन के अनुसार जब तक अंतिम मुलाकात की तिथि तय नहीं हो जाती, तब तक दोषी परिजनों से सप्ताह में दो दिन मुलाकात कर सकते हैं। यह सामान्य मुलाकात होगी। नियमों के मुताबिक अंतिम मुलाकात के बाद परिजनों से दोषियों की मुलाकात पूरी तरह रोक दी जाएगी।

दोषियों के हावभाव पर पूरी नजर

जेल में दोषियों के हावभाव पर निगरानी की जा रही है। इस दौरान यह भी देखा जा रहा है कि क्या वे किसी को पहचान नहीं रहे हैं। इस बात पर भी नजर रखी जा रही है कि क्या वे ऐसा जानबूझकर तो नहीं कर रहे हैं। वैसे जेल अधिकारियों का दावा है कि चारों दोषी सभी को पहचान रहे हैं। किसी की याददाश्त कमजोर नहीं हुई है।

Posted By: JP Yadav

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