मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बदले जाने की चर्चा के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस आलाकमान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण को हटाने का दबाव सहयोगी राकांपा के मुखिया शरद पवार की ओर से बनाया जा रहा है।

पवार ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं इस बात से इन्कार नहीं करूंगा कि मुख्यमंत्री बदलने को लेकर मेरी कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा हुई है।' उन्होंने हालांकि गुरुवार रात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एके एंटनी के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री बदलने की मांग को गलत बताया। पवार ने कहा, इससे पहले भी दो बार पटेल और एंटनी से चर्चा हो चुकी है। कल की चर्चा विधानसभा चुनाव में प्रचार की रणनीति को लेकर हुई।

पवार ने यह भी जोड़ा कि यदि कांग्रेस सुशील कुमार शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाती है तो राकांपा इस बदलाव का विरोध नहीं करेगी। मराठा छत्रप पवार ने इसके जरिये इशारों-इशारों में स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस नेतृत्व से उन्होंने मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा की है और वह शिंदे को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। पवार और शिंदे की मित्रता जगजाहिर रही है।

शिंदे को राजनीति में प्रवेश दिलवाने का श्रेय पवार को ही है। पृथ्वीराज चह्वाण के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही पवार परिवार असहज महसूस कर रहा है। न सिर्फ चह्वाण बल्कि उनके माता-पिता भी धुर पवार विरोधी नेता माने जाते रहे हैं। पवार के अलावा कई बार उनके भतीजे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और पुत्री सुप्रिया सुले भी मुख्यमंत्री चह्वाण पर निशाना साध चुके हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से कांग्रेस के भी कई नेता चह्वाण के विरुद्ध मोर्चा खोले बैठे हैं।

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