नई दिल्ली, आइएएनएस। मुंबई में नेशनल गैलरी ऑफ माडर्न आर्ट में भाषण के दौरान अभिनेता निर्देशक अमोल पालेकर को रोके जाने और उन्हें अपनी बात पूरी नहीं करने देने की कई अवार्ड से सम्मानित लेखिका नयनतारा सहगल ने आलोचना की है।

लेखिका ने कहा है कि देश कहीं भी असहिष्णुता का नहीं बल्कि प्रत्यक्ष तानाशाही का सामना कर रहा है। अभिनेता-निर्देशक पालेकर ने अपने भाषण में सरकार की आलोचना की थी।

नयनतारा ने कहा कि इस सरकार की लोगों को स्वतंत्र रूप से बोलने से रोकने की आदत बन चुकी है। हम सभी ने देखा है कि मोदी सरकार ने सृजनात्मक कल्पना के साथ कैसा व्यवहार किया है। वे इसके साथ सहज नहीं हैं क्योंकि वे स्वतंत्र चिंतन पर काबू नहीं पा सकते। वे केवल लोगों को बोलने से रोक रहे हैं और प्रतिबंध लगा रहे हैं। नेहरू-गांधी परिवार की सदस्य नयनतारा आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी की धुर आलोचक थीं।

 

Posted By: Bhupendra Singh