कोच्चि (प्रेट्र)। भारतीय नौसेना ने केरल बाढ़ में लगभग 17,000 लोगों को बचाया है। कोच्चि में प्रवक्ता कमांडर श्रीधर वॉरियर ने कहा कि केरल में नौसेना के जवान ऑपरेशन 'मदद' का हिस्सा थे। उन्होंने हजारों लोगों की जान बचा कर अपने कौशल और साहस का परिचय दिया है। भारतीय नौसेना ने इस मिशन में कुल 16,843 लोगों की जान बचाई, जिनमें से 1,173 को एयरलिफ्ट किया गया, जबकि 15,670 लोगों को 'जेमिनी बोट' की सहायता से बचाया गया।

उन्होंने कहा कि नौसेना की क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, जिस क्षेत्र में नौसेना बचाव अभियान चला रही थी, वहां किसी की भी मौत डूबने के कारण नहीं हुई। वॉरियर ने कहा कि बाढ़ में सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में तैनात नौसेना बल का उपयोग लोगों को बचाने के लिए किया गया। राज्य प्रशासन से इनपुट के आधार पर, साथ ही साथ टीमों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर, उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी और बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित वाले क्षेत्रों में टीमों को तैनात किया गया था।

एसएनसी (दक्षिणी नौसेना कमान) मुख्यालयों ने मुंबई और विशाखापत्तनम से कोच्चि तक के जवानों के हवाई जहाज और उपकरणों लिए वायुसेना मुख्यालय के साथ समन्वय किया। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में टीमों की तैनाती एयरलिफ्ट द्वारा की जाती थी और ज्यादातर क्षेत्र पानी में डूबे होने के कारण विमान की लैंडिंग कराना बेहद मुश्किल काम था।

टीमों को निकटतम स्थानों पर छोड़ जाता गया था, इसके बाद, वे प्रभावित क्षेत्रों में नाव या सड़क के जरिए जाते थे। नौसेना के विमान को नेवल एयर स्टेशन आइएनएस गरुड़ से संचालित किया गया था। कुछ बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था और बाकी को टी -2 हंगार में स्थापित नौसेना राहत शिविर व नौसेना केजी स्कूल में स्थापित नौसेना राहत शिविरों में लाया गया था।

Posted By: Arti Yadav

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