नई दिल्ली, प्रेट्र। तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन अपनी और प्रदेश के कानून मंत्री मलय घटक की भूमिका को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा हलफनामा दायर करने की इजाजत नहीं दिए जाने के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। नारद स्टिंग टेप मामले में सीबीआइ ने तृणमूल नेताओं को 17 मई को गिरफ्तार किया था।

नारद स्टिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट 22 जून को करेगा सुनवाई

न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की पीठ मुख्यमंत्री, घटक और बंगाल सरकार द्वारा दायर अलग-अलग अपीलों पर मंगलवार को सुनवाई करेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह घटक द्वारा दायर याचिका पर 22 जून को सुनवाई करेगा।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नहीं दी हलफनामा दायर करने की इजाजत

सर्वोच्च न्यायालय ने 18 जून को उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह शीर्ष अदालत द्वारा आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और घटक की याचिका पर विचार करने के एक दिन बाद मामले की सुनवाई करे।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने नौ जून को कहा था- ममता द्वारा दायर हलफनामे पर फैसला बाद में होगा

नारद स्टिंग टेप मामले की सुनवाई विशेष सीबीआइ अदालत से उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने संबंधी सीबीआइ की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नौ जून को कहा था कि वह चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन बनर्जी और घटक की भूमिका को लेकर उनके द्वारा दायर हलफनामे पर विचार करने के बारे में बाद में फैसला करेगी।

वकीलों ने कहा था- हाई कोर्ट के रिकार्ड में हलफनामों का लाया जाना जरूरी

घटक और राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं राकेश द्विवेदी और विकास सिंह ने कहा था कि उच्च न्यायालय के रिकार्ड में हलफनामों का लाया जाना जरूरी है, क्योंकि वे 17 मई को संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के बारे में हैं।

Edited By: Bhupendra Singh