नई दिल्ली। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) बिल को संसद से पास कराने को लेकर केंद्र ने विशेष सत्र आहूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने आज कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। लगभग 20 मिनट की इस मुलाकात में दोनों नेताअों ने सत्र को लेकर अपने विचार रखे। इस मामले में अंतिम फैसला अगले हफ्ते तक लिया जा सकता है। बाद में नायडू ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनके आवास पर मुलाकात की।

कांग्रेस नेता खड़गे ने वेंकैया से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार जीएसटी बिल पर संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहती है इसलिए सभी दलों से मशविरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को बिल में हुए सभी संशोधनों के बारे विपक्षी दलों को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम संशोधन प्रस्तावों या स्थायी समिति अौर सरकार के बीच क्या समझाैते हुए हैं उसे देखे बिना जीएसटी बिल पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।

उन्होंंने कहा कि यदि सरकार विशेष सत्र बुलाती है तो उन्हें पहले बिल कॉपी भेजनी चाहिए। हम जानना चाहते हैं बिल में क्या नए प्रावधान जोड़े और क्या हटाए गए हैं। हम यह भी देखाना चाहेंगे कि कांग्रेस द्वारा दिए गए सुझावों को स्वीकार किया गया है अथवा नहीं।

हालांकि खड़गे ने सरकार से मांग की कि बिल को दोनों सदनों में अलग-अलग पास कराना चाहिए। इसके लिए अगल से संयुक्त सत्र बुलाने की जरूरत नहीं है।

दूसरी ओर, वेंकैया नायडू ने संसद के मानसून सत्र में गतिरोध को लेकर कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन मुख्य विपक्षी दल सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष मर्यादित तरीके से राजनीति मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करे। वह वेल में आकर प्लेकार्ड न दिखाए।

गाैरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई को शुरू और 13 अगस्त को अनिश्चित काल के स्थगित हुआ था। मानसून सत्र में ललित मोदी विवाद और मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। इसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हो गई थी। यदि सत्रावसान नहीं हाेता है और इसे सिर्फ स्थगित कर दिया जाता है तो वही सत्र बना रहता है। उसे किसी समय बुलाया जा सकता है।

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Posted By: Sanjay Bhardwaj

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