जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी ने और रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण तीन पड़ोसी देशों म्यांमार, मारीशस और सेशेल्स को भारत ने उपहार के तौर पर कोरोना वैक्सीन भेजी। साथ ही भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआइआइ) से करार करने वाले देशों को भी वैक्सीन निर्यात की जाने लगी है। सबसे पहले ब्राजील और मोरक्को को वैक्सीन की पहली खेप भेजी गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि भारत वैक्सीन उत्पादन का वैश्विक केंद्र है और कई देशों ने कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए यहां से वैक्सीन खरीदने की इच्छा जताई है। जहां तक इन देशों की मांग का सवाल है तो पीएम नरेंद्र मोदी स्पष्ट कर चुके हैं कि वैक्सीन बनाने की भारत की क्षमता का इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए किया जाएगा।

20 लाख डोज बांग्लादेश को भेजी जा चुकी

श्रीवास्तव ने कहा कि 20 जनवरी से दूसरे देशों को वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। भारत ने पहले ही पड़ोसी पहले की नीति पर आगे बढ़ते हुए छह देशों को उपहार के तौर पर वैक्सीन देने का एलान किया था। इनमें से शुक्रवार तक भूटान को वैक्सीन की 1.5 लाख डोज, मालदीव को एक लाख डोज, 10 लाख डोज नेपाल को, 20 लाख डोज बांग्लादेश को, 15 लाख डोज म्यांमार को और सेशेल्स को वैक्सीन की 50 हजार डोज भेजी जा चुकी है। श्रीलंका की नियामक एजेंसी ने भी कोविशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है, इसके बाद अब जल्द ही उसे भी यह वैक्सीन भेज दी जाएगी। अफगानिस्तान में वैक्सीन को मंजूरी मिलने का इंतजार है। इसके अलावा बांग्लादेश और म्यांमार के साथ ही सऊदी अरब, मोरक्को और ब्राजील ने भारतीय कंपनियों से वैक्सीन खरीदने की इच्छा भी जताई गई है जिस पर भी अमल शुरू हो गया है। ब्राजील और मोरक्को को वैक्सीन की पहली खेप भेज भी दी गई है।

पाकिस्तान को अभी भारत ने नहीं दी वैक्सीन

साफ है कि भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए अपने सभी पड़ोसी देशों तक कोरोना की वैक्सीन पहुंचा दी है या पहुंचाने की तैयारी में है। पाकिस्तान को अभी भारत ने वैक्सीन नहीं दी है। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान की तरफ से वैक्सीन की कोई मांग आई है तो श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से आग्रह करने या उसके किसी भारतीय कंपनी के साथ वैक्सीन खरीदने के लिए करार करने की कोई सूचना उनके पास नहीं है। विदेशों से आ रहे आग्रहों या प्रस्तावों के बारे में सरकार की तरफ से गठित उच्चस्तरीय समिति फैसला करती है। आगे भी इस बारे में देश में वैक्सीन की जरूरतों और आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए फैसला किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक ज्यादातर देश सीरम से कोविशील्ड वैक्सीन खरीदने के इच्छुक हैं। कुछ देशों ने भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को खरीदने की भी इच्छा जताई है। एसआइआइ ने पहले ही कहा था कि उसने वैक्सीन की 10 करोड़ डोज तैयार कर ली है और इस साल मार्च से वह हर महीने 10 करोड़ डोज तैयार करने लगेगी। माना जा रहा है कि अगले महीने से वैक्सीन निर्यात में तेजी आएगी।

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