नागपुर, एएनआइ। अशोक चक्र विजेता लांस नायक नाजिर अहमद वानी के लिए देश से बड़ा और कुछ नहीं था। उनका सपना युद्ध के मैदान में अपने देश के लिए लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त करना था। रविवार को आयोजित 'हीरो ऑफ द नेशन' के दौरान यह बात वानी की पत्नी मेहजबीं अख्तर ने कही।

बता दें कि वानी 25 नवंबर, 2018 को कश्मीर के बटगुंड के पास हीरापुर गांव में एक आतंकवाद-रोधी अभियान में शहीद हो गए थे। इसके बाद उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। शांति के समय वीरता के लिए दिया जाने वाला यह सर्वोच्च पुरस्कार है।

पति की शहादत पर बेहद गर्व
उन्होंने कहा, 'मुझे अपने पति की शहादत पर बेहद गर्व है, क्योंकि उन्होंने इस देश के लिए अपनी जान दे दी। मैंने अपने पति जैसा बहादुर आदमी कभी नहीं देखा। वह मुझसे कहते थे कि वह अपने राष्ट्र के लिए लड़ते हुए युद्ध के मैदान पर मरना चाहते हैं।'

राष्ट्र पहले और बाकी सब कुछ बाद में
मेहजबीं ने कहा, 'मैं उनसे अकसर पूछती थी कि वह अन्य अधिकारियों की तरह घर क्यों नहीं आते हैं। इस पर वह हमेशा कहते थे कि उनके लिए उनका राष्ट्र पहले और बाकी सब कुछ बाद में आता है। उन्होंने मुझे शेरनी की संज्ञा देते हुए कहा था कि मुझे अपना और बच्चों का ख्याल रखना चाहिए।'

Posted By: Manish Pandey

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