सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी मामले में मुरारी को जमानत, सेवा से किया गया था निलंबित
केरल के सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले में टीडीबी के पूर्व अधिकारी मुरारी बाबू को वैधानिक जमानत ...और पढ़ें
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सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी मामले में मुरारी को जमानत (फाइल फोटो)
HighLights
मुरारी बाबू को सबरीमाला सोने की चोरी में जमानत मिली।
90 दिन में चार्जशीट न होने पर वैधानिक जमानत दी गई।
बाबू को सेवा से निलंबित किया गया था, अब रिहा होंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल में सबरीमाला मंदिर से संबंधित सोने की चोरी के मामलों में टीडीबी के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू को एक अदालत ने वैधानिक जमानत दी है। कोल्लम की विजिलेंस कोर्ट के जज मोहित सी. एस. ने बाबू को जमानत दी क्योंकि उनकी गिरफ्तारी के बाद 90 दिन बीत चुके थे और विशेष जांच दल (एसआइटी) इन दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल करने में असफल रहा।
बाबू इस मामले में दूसरे आरोपित हैं जो द्वारपालक (रक्षक देवता) मूर्तियों के प्लेट्स से चोरी हुए सोने से संबंधित है और मुख्य गर्भगृह के दरवाजों से चुराए सोने के मामले में छठे आरोपित हैं। उनके शुक्रवार की शाम तक रिहा होने की उम्मीद है। वह इस मामले में जेल से रिहा होने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
उन्हें पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें सोने की चोरी से संबंधित साजिश के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय बाबू हरिपाद में उप देवस्वम आयुक्त के रूप में कार्यरत थे और जब पिछले साल सोने की चोरी की घटना सामने आई, तो उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था।
इससे पहले, पोटी को द्वारपालक मूर्ति मामले में अदालत द्वारा वैधानिक जमानत दी गई थी। एसआइटी ने अब तक द्वारपालक मूर्ति मामले में 16 लोगों को आरोपित बनाया है और मुख्य गर्भगृह के दरवाजे के मामले में 13 लोगों को।
