मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

मुंबई। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि आंतरिक चोट के कारण हुई थी। बुधवार को एम्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुंडे की मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई। पहले कहा जा रहा था कि दुर्घटना के बाद उन्हें हार्ट अटैक हुआ होगा, जिसकी वजह से उनकी जान गई। बयान के अनुसार प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उन्हें कुछ गंभीर चोटें लगी थीं। इनमें सर्वाइकल और लिवर की चोट थीं। इन दोनों ने मिलकर शरीर के ऊपर ऐसा घातक प्रहार किया कि उनकी आकस्मिक मौत हुई।

दुर्घटना के दस मिनट बाद, जब उन्हें एम्स लाया गया तो न उनकी हृदय गति थी, न सांस चल रही थी। यही दो बड़ी चोटें थीं, जिनकी वजह से जान गई। गोपीनाथ मुंडे को अंदरूनी ब्लीडिंग भी हुई थी। सड़क दुर्घटना के बाद मंगलवार को मुंडे को एम्स ही ले जाया गया था जहां तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

इससे पहले, गोपीनाथ मुंडे का पार्थिव शरीर 1.45 बजे पंचतत्व में विलीन हो गया। बड़ी बेटी पंकजा ने उन्हें मुखाग्नि दी। मुंडे का पार्थिव शरीर वायुसेना के हेलीकॉप्टर से पैतृक गांव परली लाया गया। यहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान थोड़ी अव्यवस्था भी फैली लेकिन मुंडे की बेटी पंकजा द्वारा मार्मिक अपील के बाद लोग शांत हुए। अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा के महाराष्ट्र प्रभारी व सांसद राजीव प्रताप रूडी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह आदि मौजूद हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार को मुंडे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह सुबह करीब सवा छह बजे मुंबई जाने के लिए अपने आवास से एयरपोर्ट के लिए निकले थे। अपनी मारुति सुजुकी एसएक्स 4 कार से वह थोड़ी ही दूर पहुंच पाए थे कि अरविंदो मार्ग चौक पर तेज रफ्तार इंडिका कार ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी। पुलिस ने इंडिका कार चालक गुरविंदर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

एम्स के डॉक्टरों के अनुसार गले की हड्डी टूटने, अंदरुनी शारीरिक चोट व हृदयाघात के कारण मुंडे की मौत हुई। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम भाजपा व अन्य दलों के नेताओं-मंत्रियों ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर मुंडे को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गत 26 मई को केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण लेने वाले मुंडे अपने गृह जनपद में आयोजित एक समारोह में भाग लेने के सिलसिले में मुंबई की फ्लाइट पकड़ने को एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे। उसी दौरान इंडिका कार ने बाई ओर से उनकी कार के पिछले हिस्से में टक्कर मारी, उसी तरफ मुंडे बैठे हुए थे। अचानक लगी जोरदार टक्कर से मुंडे को तेज झटका लगा और वह अपनी कार के अंदरूनी हिस्से से जा टकराए। इसी में उन्हें नाक पर और शरीर के अन्य हिस्सों में घातक अंदरूनी चोटें आई।

मुंडे ने थोड़ा संभलकर सहायक से पानी मांगा और कुछ घूंट पीने के बाद तुरंत अस्पताल चलने के लिए कहा। करीब साढ़े छह बजे एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मुंडे को आनन-फानन में चिकित्सकीय सहायता दी गई लेकिन तब तक उनकी नाड़ी और हृदय गति रुक चुकी थी। करीब 50 मिनट के प्रयास के बाद जब डॉक्टरों को मुंडे की सांसें लौटाने में सफलता नहीं मिली तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

हादसे की सूचना मिलते ही एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के निर्देश पर कुछ ही देर बाद मुंडे के शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया गया। देर शाम आई प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री की मौत अंदरूनी चोटों और उसी दौरान हुए हृदयाघात की वजह से हुई।

सभी दलों में था मुंडे का सम्मान

हादसे की सूचना मिलते ही एम्स और भाजपा मुख्यालय पहुंचने वालों का तांता लग गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, विहिप नेता अशोक सिंहल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, जदयू अध्यक्ष शरद यादव, लोजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान सहित तमाम केंद्रीय मंत्रियों व नेताओं ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

उल्लेखनीय है कि मुंडे 15वीं लोकसभा में भाजपा संसदीय दल के उपनेता थे। भाजपा मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत अपराह्न में मुंडे का पार्थिव शरीर विशेष विमान से मुंबई भेज दिया गया, जहां देर रात तक उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने का सिलसिला जारी रहा और फिर सुबह आठ बजे लातूर के लिए रवाना कर दिया गया। यहां भी हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता के दर्शन किए।

कैबिनेट ने कहा, अपूरणीय क्षति

गोपीनाथ मुंडे की असामयिक मौत के बाद सभी सरकारी इमारतों पर लगे राष्ट्रीय ध्वज झुका दिए गए। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मुंडे के निधन को अपूरणीय क्षति बताया गया। कहा गया कि देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया गया। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार दिवंगत नेता का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

मुख्यमंत्री पद के थे प्रबल दावेदार

गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र भाजपा के सबसे बड़े नेता माने जाते थे। वह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी रहे थे और चंद महीने बाद होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर उन्हें वहां के मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। वह पिछड़ी बंजारा जाति से थे और उनका जन्म बहुत साधारण परिवार में हुआ था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर उन्होंने अपनी पहचान बनाई थी। वह पांच बार विधायक व दो बार सांसद रहे थे। वह दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन के बहनोई थे।

निजी मुचलके पर छूटा आरोपी चालक

घटना के बाद मौके से गिरफ्तार इंडिका कार के चालक गुरविंदर सिंह से इंटेलीजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की। घटना के पीछे किसी साजिश का रहस्योद्घाटन अभी नहीं हुआ है। बाद में पुलिस ने गुरविंदर को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई। आरोपी दिल्ली के ही एक गांव का रहने वाला है और वह इंपीरियल होटल में ठहरने वालों को सुविधा देने का काम करता है।

मुंडे के निधन पर किसने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोपीनाथ मुंडे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेरे दोस्त और सहयोगी गोपीनाथ मुंडे जी की मौत की खबर से बहुत दुखी हूं। उनका जाना सरकार और देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं। मोदी ने कहा कि मुंडे जी एक जननेता थे, जो नई ऊचाइयों तक पहुंचे और बिना थके लोगों की सेवा की। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी गोपीनाथ मुंडे के निधन पर गहरा दुख जताया।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मुंडे के निधन से मुझे गहरा आघात लगा है। उनका जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं गोवा से सांसद व पर्यटन मंत्री श्रीपद नायक ने भी मुंडे के निधन को खासकर महाराष्ट्र में पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। दूसरी ओर, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी मुंडे के निधन गहरी संवेदना व्यक्त की है।

उधर, भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी मुंडे के निधन को शिवसेना के लिए भी बड़ी क्षति करार दिया। पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि मुंडे जी बेहद मिलनसार और मृदुभाषी व्यक्ति थे। वह भाजपा-शिवसेना गठबंधन के बीच एक पुल की तरह थे।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप