BMC में होगा खेल? उद्धव टीम बोली- हमारे पास सिर्फ 6 सीटें कम, इंतजार करिए
BMC Mayor Race: BMC चुनाव के बाद मुंबई मेयर पद को लेकर गहमागहमी है। महायुति के पास 118 सीटें हैं, ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कई सालों के लंबे इंतजार के बाद देश की सबसे बड़ी नगर पालिका BMC के चुनाव हुए। 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और महायुति ने मिलकर गठबंधन का आंकड़ा भी पार कर लिया। सबके मन में सवाल है कि मुंबई का मेयर कौन होगा? मगर, इसी बीच उद्धव सेना ने एक बड़ा दांव चल दिया है।
227 सीटों वाली BMC में मेयर चुनने के लिए 114 वोटों की जरूरत है। महायुति आराम से ये आंकड़ा पार कर सकती है। लेकिन, मेयर की रेस में विपक्ष की भी एंट्री हो सकती है।
उद्धव सेना का दावा
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इसके संकेत दिए हैं। उनका दावा है कि विपक्ष बहुमत से महज 6 कदम दूर है। यानी 6 पार्षदों का समर्थन मिलने से BMC का पूरा खेल पलट सकता है और मेयर की कुर्सी विपक्ष को मिल सकती है।
संजय राउत के अनुसार,
हमारे पास अभी 108 सीटें हैं। लक्ष्य 114 का है। हम सिर्फ 6 सीटों से पीछे रह रहे हैं। मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।
क्या है सीटों का गणित?
बृहन्मुंबई नगर पालिका (BMC) चुनाव में बीजेपी को 89 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। महायुति गठबंधन ने कुल मिलाकर 118 सीटें अपने खाते में डाल ली हैं और मेयर चुनने के लिए महज 114 वोट ही चाहिए। मगर, कहानी में ट्विस्ट आ गया है।
शिवसेना (यूबीटी) को चुनाव में 65 वार्ड ही मिले हैं। संजय राउत का कहना है कि विपक्षी गठबंधन की सभी पार्टियों को मिलाकर ये आंकड़ा 108 तक पहुंच रहा है। ऐसे में 6 पार्षदों का समर्थन मिलने से विपक्ष भी गठबंधन तक पहुंच सकता है।
विपक्ष के पास कितनी सीटें?
राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने भी शिवसेना (यूबीटी) से गठबंधन कर लिया था। MNS के खाते में 6 सीटें आईं हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ मिलकर 24 सीटें जीती हैं।
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है। समाजवादी पार्टी 2, अजित पवार की एनसीपी 3 और शरद पवार की एनसीपी को 1 सीट मिली है। डिप्टी सीएम अजित पवार महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने BMC चुनाव अलग लड़ने का फैसला किया था।
