नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि चंबल एक्सप्रेसवे से तीन राज्यों के गरीब और आदिवासी इलाकों का कायाकल्प हो जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे गडकरी के मुताबिक इस परियोजना से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सुदूर इलाकों में स्थित गरीबों और आदिवासियों की जिंदगी में बड़े बदलाव आएंगे।

चंबल एक्सप्रेसवे परियोजना 8,250 करोड़ रुपये की है। उन्होंने संबंधित राज्यों से इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के दिल्ली-कोलकाता कॉरिडोर, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, पूरब-पश्चिम कॉरिडोर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भी चंबल एक्सप्रेसवे क्रॉस कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा।

इस परियोजना की समीक्षा करते हुए गडकरी ने कहा कि इसका सबसे अधिक फायदा इन तीनों राज्यों और चंबल क्षेत्र के किसानों को होगा। लेकिन खासतौर पर मुरैना, श्योपुर और अन्य इलाकों के आदिवासियों के लिए यह एक्सप्रेसवे वरदान साबित होगा। यह केंद्र और राज्यों के बीच भी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के नवीनतम मॉडल के रूप में उभरेगा।

सकारात्मक ऊर्जा के साथ चुनौतियों का सामना- गडकरी

इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के समक्ष जब भी कठिन चुनौतियां आई हैं, तो देशवासियों ने उनका सामना सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया है। वर्तमान में भी ऐसी ही चुनौतियां हैं। कोरोना संक्रमण काल के चलते पैदा हुई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार ने जो बीस लाख करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया है, उससे अर्थव्यवस्था सुधरने में भी काफी मदद मिल रही है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी शनिवार शाम को मानव रचना शिक्षण संस्थान द्वारा भारत नीति के अनुरूप आत्मनिर्भर विषय पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। वेबिनार से देश के विभिन्न वर्गों के 500 प्रमुख लोग जुड़े। गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि इस समय पांच मुख्य बिदुओं पर काम करने की जरूरत है, जिनमें लेबर, लैंड, लॉ, लॉजिस्टिक और लिक्विडिटी शामिल हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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