भोपाल, राज्य ब्यूरो। अगर किसी छात्र की उत्तरपुस्तिका में एक से अधिक लिखावट पाई गई तो इसे व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और उसके सभी विषयों की परीक्षा एवं परीक्षाफल निरस्त कर दिया जाएगा। यह मापदंड माध्यमिक शिक्षा मंडल [माशिमं] ने इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल प्रकरण रोकने के लिए तय किए हैं।

नकल के आरोप में केंद्राध्यक्ष पांच वर्ष के लिए परीक्षा कार्य से वंचित रहेंगे

यह भी तय किया है कि उस छात्र के परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक को अगले पांच वर्ष के लिए मंडल के परीक्षा कार्य से वंचित किया जाए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए दिए निर्देश

मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं में व्यक्तिगत और सामूहिक नकल प्रकरणों पर केंद्राध्यक्षों एवं निरीक्षण दलों की रिपोर्ट और मूल्यांकन के दौरान सामूहिक नकल प्रमाणित होने पर निम्न मापदंडों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

47 प्राचार्यो लगा आजीवन प्रतिबंध

ज्ञात हो कि दो दिन पहले ही मंडल ने प्रदेश के 78 शिक्षकों व प्राचार्यो को गलत मूल्यांकन और परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने के कारण इस साल 2020 के परीक्षा व मूल्यांकन कार्य से बाहर रखा है। मंडल ने 47 प्राचार्यो व शिक्षकों पर परीक्षा व मूल्यांकन कार्य को लेकर आजीवन प्रतिबंध लगाया है। वहीं, 31 प्राचार्यो व शिक्षकों पर 5 साल, 3 साल या दो साल का प्रतिबंध लगाया है।

निरस्त की जाएगी सभी विषयों की परीक्षा

निर्देश में कहा गया है कि अगर परीक्षा केंद्र पर किसी भी छात्र के पास नकल सामग्री प्राप्त हुई। चिट निगली गई, उत्तरपुस्तिका बदली, फाड़ी या उत्तरपुस्तिका लेकर भागा। साथ ही किसी अन्य से लिखित सहायता ली तो उस छात्र की सभी विषयों की परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।

नकल प्राप्त होने पर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं होगा

मंडल में नकल प्राप्त होने पर किसी भी दशा में उस छात्र की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया जाएगा। साथ ही मूल्यांकन केंद्र पर नकल पक़़डने के लिए केंद्राध्यक्षों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं की सैंपलिंग की जाएगी। अगर सामूहिक नकल प्रकरण सामने आता है तो सैंपलिंग प्रक्रिया से पता लगाकर सही पाए जाने पर उस कक्ष के सभी विषयों की परीक्षा निरस्त की जाए।

बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल प्रकरण के संबंध में मापदंड तय किए गए हैं, जिसका पालन करना होगा। अभी हाल ही में 78 प्राचार्यो व शिक्षकों पर पिछली परीक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है- अनिल सुचारी, सचिव, माशिमं।

Posted By: Bhupendra Singh

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