नई दिल्ली [प्रेट्र]। जम्मू एवं कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) पर सीमा पार से हुई गोलीबारी में बीएसएफ के 11 जवान शहीद हो चुके हैं। पिछले पांच सालों के दौरान इस साल सबसे बड़ी संख्या में जवान शहीद हुए हैं। जम्मू के रामगढ़ सेक्टर में बुधवार को ही सहायक कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी सहित बीएसएफ के चार जवान शहीद हो गए।

उपलब्ध आंकड़े के मुताबिक इस वर्ष 320 से ज्यादा अकारण गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में बीएसएफ के 11 जवान शहीद और 37 अन्य घायल हुए हैं। इसकी तुलना में पिछले वर्ष अकारण गोलीबारी की 111 घटनाएं हुई थीं। 2016 में 204, 2015 में 350 और 2014 मंे 127 घटनाएं हुई थीं।

पिछले वर्ष स्निपिंग एवं मोर्टार फायरिंग से बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए थे और सात अन्य घायल हुए थे। 2016 में ऐसी ही घटना में बल के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि 10 अन्य घायल हो गए थे।

बुधवार को पाकिस्तान रेंजरों के असरफ पोस्ट से हुई गोलीबारी में सहायक कमांडेंट जितेंद्र सिंह, उप निरीक्षक रजनीश कुमार, कांस्टेबल हंसराज गुर्जर और सहायक एसआइ राम निवास शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि सहायक एसआइ राम निवास मोर्चा संभाले हुए थे। उन्हें सबसे पहले गोली लगी। बाद में राम निवास को हटाने के दौरान तीन अन्य भी मोर्टार फायरिंग की चपेट में आए।

सिंह राजस्थान में जयपुर के रहने वाले थे और रजनीश कुमार उत्तर प्रदेश में एटा के निवासी थे। राम निवास सीकर और हंसराज गुर्जर राजस्थान में अलवर के निवासी थे।

 

Posted By: Vikas Jangra