जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दुनिया के सामने न्यूक्लियर ब्लैक मेल की प्रधानमंत्री इमरान खान की कोशिशों के बीच भारत ने पाकिस्तान को सीजफायर उल्लंघन और सीमा पार से हो रहे घुसपैठ को लेकर आगाह कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कर दिया है कि बिना किसी कारण के हो रहे सीजफायर उल्लंघन को लेकर भारत गंभीर है। भारत ने पाकिस्तान को 2003 में सीजफायर को लेकर बनी सहमति का सम्मान करने, अंतरराष्ट्रीय सीमा व नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने और आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश नहीं करने की नसीहत दी है।

दरअसल बार-बार भारतीय सेना की ओर से मुंहतोड़ जवाब मिलने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और लगातार बिना किसी कारण के सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। रवीश कुमार के अनुसार अकेले इस साल पाकिस्तान ने बिना उकसावे के 1,050 बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है। इसमें कुल 21 भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं। यह अलग बात है कि भारतीय सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

शनिवार को ही पाकिस्तान सेना के सफेद झंडे के साथ अपने दो सैनिकों के शव को ले जाने का वीडियो सामने आया है।पाकिस्तान की नापाक हरकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी सेना भारतीय नागरिकों और बॉर्डर पोस्ट को निशाना बनाकर गोले दाग रहे हैं। शनिवार को भी पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले केम मंजाकोट में सीजफायर का उल्लंघन किया। इसके बाद नियंत्रण रेखा के पांच किलोमीटर के दायरे में स्कूल बंद करवा दिए गए।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भी नियंत्रण रेखा से लगे हुए गांवों और अग्रिम चौकियों पर पाकिस्तानी सैनिकों ने शनिवार को मोर्टार से गोले दागे और भारी गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।एक तरफ पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश में जुटा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री इमरान खान परमाणु युद्ध की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।

परमाणु ब्लैकमेल की कोशिशों के बावजूद दुनिया के अन्य देशों से साथ नहीं मिलने से बिफरे इमरान खान ने रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच पारंपरिक युद्ध की आशंका भी जता दी। वे पहले ही कह चुके हैं कि भारत के साथ पारंपरिक युद्ध में पाकिस्तान की हार सुनिश्चित है और ऐसे में उनके पास परमाणु बम के इस्तेमाल के अलावा कोई उपाय नहीं होगा। कश्मीर की आड़ में पूरी तरह से भारत विरोध में उतर आए इमरान खान ने पाकिस्तान के आर्थिक दिवालियेपन के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। आतंकी फंडिंग के बजाय एफएटीएफ की काली सूची में जाने के कगार पहुंचने के लिए उन्होंने पूरी तरह से भारत को जिम्मेदार ठहराया है।

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Posted By: Shashank Pandey

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