क्या समय से पहले खत्म होगा संसद का मानसून सत्र? हंगामे के बीच विधायी कामों को निपटाने में जुटी सरकार
संसद का मानसून सत्र हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच जारी है, जहां सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए हैं।

क्या समय से पहले खत्म होगा संसद का मानसून सत्र। (संसद टीवी)
HighLights
सरकार ने हंगामे के बावजूद तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक संसद द्वारा अनुमोदित किया गया।
विपक्ष के विरोध से मानसून सत्र जल्द खत्म होने की संभावना।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। न विरोध और हंगामे की बौछार थमी और न ही संसद में सरकार का कामकाज। छात्र आंदोलन के साये में गतिरोध के साथ शुरू हुआ मानसून सत्र पूरी तरह पटरी पर अभी तक नहीं आ सका है, लेकिन कैसे भी विधायी कार्य निपटाने के लिए कमर कस चुकी सरकार हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही अब तक तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित करा चुकी है।
मंगलवार को जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पर भी संसद की मुहर लग गई। अब लगभग आठ विधेयक चर्चा के लिए लोकसभा और राज्य सभा से पारित किए जाने हैं।
सरकार को घेरने की कोशिश में विपक्ष
इधर, विपक्ष लगातार गृहमंत्री अमित शाह को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। इससे बने गतिरोध को देखते हुए अटकलें हैं कि सरकार अपने विधेयकों को पारित कराने के बाद मानसून सत्र को समय से पहले खत्म करने का कदम उठा सकती है।
हंगामे के कारण पूरी तरह धुल गया पहला हफ्ता
मानसून सत्र का पहला सप्ताह पेपर लीक पर विपक्ष के तीखे तेवर और हंगामे के कारण पूरी तरह धुल गया। लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने सदन को पटरी पर लाने के लिए पेपर लीक में सुधार के दावे के साथ लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 लेकर आई।
हंगामे के बीच तीन विधेयक पास
विपक्ष इस पर चर्चा के लिए राजी हुआ, लेकिन तीखे सवालों की बौछार और हंगामा जारी रहा। इसके बीच ही यह विधेयक दोनों सदनों से पारित हो गया। इसके बाद हंगामा, नारेबाजी, आंशिक स्थगन के बीच ही वंदे मारतम के अपमान पर सजा निर्धारित करने वाला राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक- 2026 दोनों सदनों से पारित हुए।
राज्य सभा से जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 पारित
वहीं, लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्य सभा से भी जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 पारित हो गया। अब अधिसूचना जारी होने के बाद जैसे ही यह विधेयक कानून का स्वरूप लेगा, वैसे ही देश में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सख्त हो जाएगी। जन्म और मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष के भीतर कराना होगा।
एक से दो वर्ष की अविध में पंजीकरण के लिए डीएम, एसटीएम या अधिकृत मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी, जबकि दो वर्ष की अवधि बीतने के बाद पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी। इस कदम को बांग्लादेशी घुसपैठियों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र आदि बनवाने की रोकथाम के अहम निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सभा में पेश होंगे विधेयक
इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक-2026 और विनियोग (संख्या 3) विधेयक-2026 लोकसभा से पारित हो चुके हैं, जबकि राज्यसभा में पेश किए जाने हैं, जबकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक- 2026 राज्यसभा से पास हो चुका है और लोकसभा में पेश किया जाना है।
बैंकर्स बुक्स साक्ष्य विधेयक-2026 और भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक 2026 भी लोकसभा में पेश किए जा चुके हैं।
