नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) मंकीपॅाक्स के मरीजों के संपर्क में आए लोगों के बीच सीरो सर्वेक्षण करा सकती है। इससे इन लोगों में एंटीबाडी की मौजूदगी का पता चलने के साथ ही यह जानकारी भी मिल जाएगी कि इनमें से कितने बिना लक्षण वाले संक्रमित थे। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंकीपॅाक्स के बिना लक्षण वाले संक्रमितों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

देश में अब तक मंकीपॅाक्स के कुल 10 मामले मिलने की पुष्टि हुई है। सूत्रों ने कहा कि हम एंटीबाडी का पता लगाने के लिए मंकीपॅाक्स के रोगियों के बेहद करीबी संपर्क वाले लोगों के बीच सीरो सर्वेक्षण कराने पर विचार कर रहे हैं। इससे यह पता चल जाएगा कि रोगियों के संपर्क में आने के बाद कितने लोग संक्रमित हुए थे। अभी योजना बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में है।

दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले सामने आए: डब्ल्यूएचओ

गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ के तकनीकी प्रमुख रोसमंड लुईस ने बुधवार को कहा कि मंकीपॉक्स के खिलाफ टीके 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 92 से अधिक देशों में, मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसकी वजह से 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है। एक प्रेस वार्ता में, लुईस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ को यह उम्मीद नहीं है कि ये टीके मंकीपॉक्स को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी होंगे।

वहीं, डब्ल्यूएचओ चीफ डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में अपनी नियमित प्रैस ब्रीफिंग में कहा, 'लगभग साढ़े सात हजार मामले गत सप्ताह दर्ज किये गए, जोकि उससे पहले के सप्ताह की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी थी।'

दिल्ली में मंकीपॅाक्स मरीजों को एलएनजीपी में भर्ती कराया जा रहा है

बता दें कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में 22 साल की मंकीपॅाक्स संक्रमित अफ्रीकी मूल की युवती को दिल्ली स्थित एलएनजीपी (लोक नारायण जयप्रकाश) अस्पताल में भर्ती कराया गया। जागरण संवाददाता राहुल चौहान के मुताबिक, नाइजीरियाई युवती में मंकीपॅाक्स की पुष्टि के बाद लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवती को है हल्का बुखार, मुंह में छाले और शरीर पर लाल दाने मिले हैं।

युवती ने एक महीने पहले नाइजीरिया की यात्रा की थी। लोकनायक अस्पताल में भर्ती मंकीपाॅक्स मरीजों की संख्या अब चार हो चुकी है। दिल्ली में 17 जुलाई को मंकीपॅाक्स का पहला मामला सामने आया था।

Edited By: Piyush Kumar