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'खुद को खुशकिस्मत समझो कि केरलम में हो', कुंभ फेम मोनालिसा की शादी को लेकर जज ने क्यों कही ये बात?

Published: Wed, 03 Jun 2026 02:29 PM (IST)Updated: Wed, 03 Jun 2026 02:43 PM (IST)

केरल हाई कोर्ट ने कुंभ मेले की वायरल सेंसेशन मोनालिसा भोसले और उनके पति मोहम्मद फरमान खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मोनालिसा-फरमान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरलम हाई कोर्ट ने मंगलवार को कुंभ मेले की सोशल मीडिया सेंसेशन मोनालिसा भोसले और उनके पति मोहम्मद फरमान खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस कौसर एडापगाथ ने संकेत दिया कि बुधवार को इस पर आदेश सुनाया जा सकता है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में नाटकीय माहौल रहा। कपल के वकील ने जब मध्य प्रदेश में उन्हें मिल रही धमकियों का जिक्र किया तो जज ने कहा, 'आप खुशकिस्मत हैं कि आप केरल में हैं।' इस पर वकील ने जवाब दिया, 'यही एकमात्र वजह है कि हम अभी जिंदा हैं।'

क्या है पूरा विवाद?

मोनालिसा को 2025 के कुंभ मेले में मोतियों की माला बेचते हुए वायरल वीडियो के बाद फेम मिली थी। इस साल की शुरुआत में उन्होंने केरल में मोहम्मद फरमान खान से शादी की थी। शादी के बाद विवाद तब भड़का जब मोनालिसा की उम्र शादी के लिए न्यूनतम कानूनी उम्र से कम बताए जाने के आरोप लगे।

कपल की ओर से वरिष्ठ वकील एम. ससिंद्रन ने दलील दी कि कट्टरपंथी समूह और मध्य प्रदेश प्रशासन के कुछ हिस्से मोनालिसा को गलत तरीके से नाबालिग बताकर शादी को अमान्य कराने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार शादी के समय मोनालिसा बालिग थी, लेकिन बाद में सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया।

कोर्ट ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम दूल्हे द्वारा हिंदू रीति-रिवाजों से की गई शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं है। राजू ने मोनालिसा की जन्मतिथि दिसंबर 2009 बताते हुए दावा किया कि शादी के समय वह नाबालिग थी।

सरकार ने यह भी बताया कि फरमान खान के खिलाफ अपहरण मामले में अब जालसाजी के आरोप भी जोड़े जा सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार की कुछ दलीलों पर सवाल उठाए और कहा कि कथित पीड़िता लड़की ने खुद अपने पति के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है।

दो राज्यों में कार्रवाई

यह मामला अब केरल और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों की अदालतों में चल रहा है। तिरुवनंतपुरम की POCSO अदालत में फरमान खान और CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं एम.वी. गोविंदन, वी. शिवनकुट्टी और ए.ए. रहीम के खिलाफ शिकायत दायर की गई है, जिन पर शादी कराने में मदद करने के आरोप हैं।

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