पुणे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का आरक्षण को लेकर फिर बयान आया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि देश में जब तक सामाजिक भेदभाव रहेगा, तब तक आरक्षण लागू रहनी चाहिए। वह यहां छठवीं ‘भारतीय छात्र संसद चर्चा’ के दूसरे दिन बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था ‘संस्कृति और संविधान।’

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आरक्षण नीति के बारे में भागवत ने कहा, ‘जब तक सामाजिक असमानता है, आरक्षण लागू रहना चाहिए। लेकिन इसे ईमानदारी से लागू किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि संघ देश के संविधान से असहमत नहीं है। हालांकि संविधान में उल्लिखित नागरिकों के कर्तव्यों का भी पालन होना चाहिए।

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अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर भागवत ने कहा, भगवान राम हिंदू संस्कृति के आदर्श हैं। उनकी जन्मभूमि पर मंदिर बनना चाहिए। यह पूछने पर कि मंदिर निर्माण से क्या गरीब की थाली में रोटी आ जाएगी, उन्होंने उलटे सवाल किया, ‘अभी जब मंदिर नहीं बना है, तो क्या उन्हें रोटियां मिल रही हैं?’

Edited By: Lalit Rai

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