जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अगले महीने से मोदी सरकार के सारे महकमे केंद्रशासित प्रदेशों के तौर पर जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख के विकास की मुहिम छेड़ देंगे। योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न मंत्रालयों में बैठकों के दौर शुरू हो गए हैं। इस क्रम में श्रम मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है।

जहां नवगठित प्रदेशों के कर्मचारियों को केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा स्कीमों का लाभ प्रदान करने के लिए वहां ईपीएफ एक्ट को लागू तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम के ढांचे का विस्तार करने के बारे में मंथन शुरू हो गया है।

दोनो राज्यों में निवेश तथा औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की रूपरेखा बनाई जा चुकी है। इसी के साथ वहां कर्मचारियों व मजदूरों के वेतन व सामाजिक सुरक्षा के बारे में भी नए सिरे से विचार-विमर्श हो रहा है। इस क्रम में केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने मंगलवार को केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा के साथ आने वाले समय में इनके विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

फिलहाल जम्मू एवं कश्मीर व लद्दाख में केवल कर्मचारी राज्य बीमा निगम अधिनियम 1948 (ईएसआइ एक्ट) के प्रावधान ही लागू हो सके हैं। जिन्हें श्रम मंत्रालय की एक अधिसूचना के जरिए 1 अप्रैल, 2017 से प्रभाव में लाया गया था। जबकि कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 वहां लागू नहीं था।

सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिनमें दोनो नवगठित केंद्रशासित प्रदेशों में ईएसआइ की डिस्पेंसरियों के विस्तार एवं नए अस्पतालों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करना शामिल है।

जहां तक ईपीएफ एक्ट को लागू करने का प्रश्न है तो इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किए जाने की संभावना है, जो शीघ्र से शीघ्र अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। उसकी सिफारिशों के आधार पर जेकेईपीएफओ के ईपीएफओ में विलय के बारे में निर्णय लिया जाएगा। ईपीएफ एक्ट के साथ ही इससे जुड़ी ईडीएलएस, ईपीएफएस तथा ईपीएस जैसी स्कीमें भी जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में लागू हो जाएंगी।

दो वर्ष पहले जारी अधिसूचना के अनुसार अविभाजित जम्मू एवं कश्मीर के 14 जिलों में केवल नगरीय सीमाओं के भीतर ईएसआइ एक्ट के चुनिंदा प्रावधानों को लागू किया गया है। इनमें जम्मू व घाटी के डोडा, अनंतनाग, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रामबान, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपुरा, गांदरबल, कुलगाम व शोपियां जिले तथा लद्दाख के लेह और कारगिल जिले शामिल हैं। 

Posted By: Bhupendra Singh