जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में देशव्यापी लॉकडाउन के 36 घंटे के भीतर गरीबों की आर्थिक मुश्किलों को लेकर उठ रही तमाम आशंकाओं को सरकार ने दूर कर दिया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को गरीबों के लिए अन्न और धन दोनों के इंतजाम से जुड़ी राहत योजना का ऐलान किया जिसे प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना का नाम दिया गया है। इस योजना पर 1.70 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी जान की बाजी लगाकर दूसरों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए इंश्योरेंस पैकेज की भी घोषणा की गई। इसके तहत सरकारी अस्पतालों के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख रुपए का बीमा दिया गया है जिससे लगभग 22 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लाभ मिलेगा। इनमें डॉक्टर से लेकर अस्पताल के सफाईकर्मी तक शामिल हैं।

24 तारीख की रात 12 बजे से लॉकडाउन होने के बाद सबसे ज्यादा इस बात को लेकर ही चर्चा चल रही थी कि गरीब कैसे कमाएंगे और कैसे खाएंगे। सरकार की घोषणा के बाद इस चिंता पर तत्काल विराम लग गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जिनका ख्याल रखा गया है उनमें किसान, मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिक, गरीब विधवा-बुजुर्ग, जनधन खाता रखने वाली महिलाएं, उज्जवला स्कीम में शामिल बीपीएल परिवार, सेल्फ हेल्फ ग्रुप व निर्माण क्षेत्र में शामिल श्रमिक शामिल हैं।

पहले खाने का इंतजाम

अन्न के नाम पर 80 करोड़ गरीब लोगों के खाने का इंतजाम अगले तीन माह तक के लिए कर दिया गया है। राशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को तीन माह के लिए पांच-पांच किलो गेहूं या पांच-पांच किलो चावल मुफ्त में दिए जाएंगे। यह उसकी मर्जी पर निर्भर करेगा वह चावल लेता है या गेहूं। कोरोना से लड़ाई में प्रोटीन की महत्ता को देखते हुए प्रति परिवार एक किलो दाल भी मुफ्त में देने का प्रावधान किया गया है।

अन्न के साथ धन भी

धन के इंतजाम के लिए प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत कवर 8.7 करोड़ किसानों के खाते में अप्रैल के पहले सप्ताह में 2000-2000 रुपए डाल दिए जाएंगे।

मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 20 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। मनरेगा से जुड़े लगभग 13.62 करोड़ श्रमिकों को सालाना 2000 रुपए का फायदा होगा।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत बैंक खाते रखने वाली 20.40 करोड़ महिला खाताधारकों के खाते में अगले तीन माह तक 500-500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी कि एक महिला खाताधारक को 1500 रुपए मिलेंगे।

उज्जवला स्कीम से जुड़े 8 करोड़ गरीब परिवार को अगले तीन महीने तक मुफ्त में गैस सिलेंडर भी दिए जाएंगे। सरकार 3 करोड़ बुजुर्ग विधवा और विकलांगों को 1000 रुपए की सहायता देगी। तीन महीने में 500-500 रुपये की दो किश्तों में यह राशि दी जाएगी।

गरीब श्रमिकों के रोजगार की रक्षा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार ने कर्मचारियों के पीएफ में जमा होने वाली पूरी राशि (24 फीसद) देने का फैसला किया है। लेकिन यह सुविधा उस यूनिट के कर्मचारियों को मिलेगी जहां 100 से कम कर्मचारी काम करते हो और वहां काम करने वाले 90 फीसद कर्मचारियों की मासिक तनख्वाह 15,000 से कम हो। इस फैसले से कम तनख्वाह पर काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी बच सकती है।

महिलाओं के माध्यम से चलने वाले सेल्फ हेल्प ग्रुप को अब बिना किसी गिरवी या बंधक के बैंक से 20 लाख रुपए तक के कर्ज मिल सकेंगे। इससे 6.85 करोड़ परिवार को मदद मिलेगी।

बिल्डिंग एंड अदर्स कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर फंड के तहत निर्माण से जुड़े 3.5 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों को राहत देने का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में राज्यों को निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य सेवा संबंधी कार्यो को अंजाम देने के लिए राज्य सरकार डिस्टि्रक मिनरल फंड का इस्तेमाल कर सकेगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का ऐलान

- 80 करोड़ लोगों को तीन महीने तक मुफ्त में मिलेंगे गेहूं-चावल और दाल

- 20 करोड़ जन-धन महिला खाताधारकों को तीन माह तक 500-500 रुपए

- मनरेगा के तहत 182 रुपए की जगह 202 रुपए, 13.62 करोड़ परिवार होंगे लाभान्वित

- 3 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांगों को 1000 रुपए

- अप्रैल के पहले सप्ताह में किसानों के खाते में 2000 रुपए

- बिल्डिंग वेलफेयर फंड से निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों को राहत

- 22 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख रुपए का इंश्योरेंस

Posted By: Sanjeev Tiwari

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