जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को तेजी से अमल कराने में जुटी केंद्र सरकार जल्द ही सभी राज्यों में प्रस्तावित पीएम-श्री स्कूलों की भी शुरूआत करेगी। फिलहाल इसका पूरा रोडमैप तैयार हो गया है। माना जा रहा है कि सितंबर के मध्य तक इसे लांच कर दिया जाएगा। यह स्कूल न सिर्फ राज्यों के लिए मॉडल स्कूल होंगे बल्कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ध्वजवाहक भी होंगे। जिनमें नीति से जुड़ी सारी सिफारिशों को अमल में लाया जाएगा। इस स्कीम के तहत 2024 तक देश भर में 15 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें प्री-प्राइमरी से बारहवीं तक स्कूल शामिल होंगे।

पहले दौर में देशभर के 15 हजार सरकारी स्कूलों को किया जाएगा अपग्रेड

खास बात यह है कि इस स्कीम के तहत कोई नए स्कूल नहीं स्थापित होंगे, बल्कि पहले से संचालित सरकारी स्कूलों को इसके तहत अपग्रेड किया जाएगा। इनमें ऐसे स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी, जिसका इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत है। साथ ही उनके पास पर्याप्त जगह है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इसके तहत सभी ब्लॉक में एक प्री- प्राइमरी और एक प्राइमरी स्कूल को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि प्रत्येक जिला स्तर पर एक माध्यमिक और इंटरमीडिएट स्कूलों को इस स्कीम से जोड़ा जाएगा। सभी राज्यों से इसके प्रस्ताव मांगे गए है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल के ध्वज वाहक बनेंगे यह स्कूल

मंत्रालय से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित पीएम-श्री स्कूलों से जुड़ी स्कीम को लेकर वित्त मंत्रालय सहित केंद्र सरकार से जुड़े दूसरे मंत्रालय और राज्यों के साथ अंतिम दौर की चर्चा चल रही है। इस स्कीम के तहत स्कूलों के अपग्रेडेशन का खर्च केंद्र उठाएगा, जबकि इसके अमल का जिम्मा राज्य के पास होगा। इस दौरान इस स्कीम के अमल पर केंद्र नजर रखेगा। गौरतलब है कि केंद्र की यह स्कीम राज्यों को स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर है। माना जा रहा है कि इन पीएम- श्री स्कूलों को देखकर वह राज्य के बाकी स्कूलों को भी उसके अनुरूप बनाने के लिए काम करेंगे।

कुछ ऐसें होंगे पीएम-श्री स्कूल

इन स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था का ढांचा अधिक प्रायोगिक, समग्र, एकीकृत और वास्तविक जीवन शैली पर आधारित होगा। साथ ही विषयों को कुछ इस तरह से पढ़ाया जाएगा, जिससे छात्रों में जिज्ञासा पैदा हो। इस दौरान छात्रों को चर्चा आधारित और लचीली शिक्षा दी जाएगी। प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर पर छात्रों को खेल ( ट्वाय) आधारित शिक्षा दी जाएगी। इन सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, स्किल लैब, खेल का मैदान, कंप्यूटर लैब और साइंस लैब आदि सभी सुविधाएं होंगी।

पर्याप्त और विशेष शिक्षकों की होगी तैनाती

इन स्कूलों में प्रत्येक विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती होगी। साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात का पूरी तरह से पालन होगा। इसके साथ ही इन स्कूलों से कला, खेल आदि से जुड़े विशेष शिक्षक भी तैनात होंगे। शिक्षकों की तैनाती से पहले उनकी रूचि को भी परखा जाएगा। इस स्कीम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ अलग से भत्ते देने का भी प्रस्ताव है। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को कुछ दिनों का एक खास प्रशिक्षण देने का भी प्रस्ताव है।

Edited By: Arun Kumar Singh