जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ई-सिगरेट के उत्पादन व बिक्री को लेकर नियम व दिशानिर्देश तैयार करने को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि वह इस पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हलफनामे में कहा कि ई-सिगरेट को लेकर कोई दिशानिर्देश न होने के कारण कई राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में इस पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

-केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में दी जानकारी

-ई-सिगरेट पर कार्रवाई के लिए नहीं है नियम

केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के समक्ष दायर हलफनामे में कहा कि ई-सिगरेट में उच्चस्तर की विषाक्तता है और यह हृदय रोग व फेफड़ों की बीमारियों का कारण बन सकता है। साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय भी इसके आयात, बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।

ई-सिगरेट एक डिवाइस है। हलफनामे में मंत्रालय ने कहा कि पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ राज्यों ने ई-सिगरेट को अस्वीकृत घोषित किया है। वहीं कर्नाटक, केरल, मिजोरम, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने ई-सिगरेट के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति के विज्ञापन को लेकर नीति व दिशानिर्देश तैयार करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग के साथ याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने अधिकारियों को ई-सिगरेट के हानिकारक प्रभावों के बारे में जनता को सूचित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।

By Bhupendra Singh