PM मोदी ने पुतिन को गिफ्ट की 2000 साल पुरानी ये किताब, तमिल संस्कृति से जुड़ा है ग्रंथ
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को संत तिरुवल्लुवर के प्राचीन ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया।

PM मोदी ने पुतिन को गिफ्ट की 2000 साल पुरानी किताब

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को महान तमिल कवि और दार्शनिक संत तिरुवल्लुवर द्वारा रचित प्राचीन ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया।
पीएम मोदी ने पुतिन को ये पुस्तक भेंट करते हुए कहा कि संत तिरुवल्लुवर ने इस किताब में मानव जीव की अनेक विशेषताओं को बतलाया है। साथ ही कहा कि हमारे सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने में इस पुस्तक की विशेष भूमिका रहेगी।

2000 साल पुरानी किताब
पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को यह किताब देते हुए कहा, "यह तमिल संत तिरुवल्लुवर की 2000 साल पहले लिखी किताब है, जो मानव जीवन के मूल्यों और उससे जुड़ी विशेषताओं पर आधारित है।
आपके लिए विशेष रूप से इसका रूसी अनुवाद करवाया है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह किताब आपसी जन-संपर्क बढ़ाने और हमारे देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।"
रूसी भाषा में किया गया अनुवाद
केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान द्वारा 2026 में प्रकाशित इस संस्करण का रूसी भाषा में अनुवाद नायरा मकर्चयन ने किया है।
तिरुक्कुरल कौन सी किताब है?
'तिरुक्कुरल' तमिल संत, कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर ने लिखी है। इस प्राचीन ग्रंथ को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल ने प्रकाशित किया है। इस पुस्तक में मूल तमिल पाठ के छंदों का रूसी अनुवाद है, जिसका 2026 एडिशन पुतिन को उपहार में दिया गया है।

तिरुक्कुरल क्लासिकल तमिल साहित्य की सबसे मशहूर रचनाओं में से एक है। इस रचना में नैतिकता और शासन से लेकर दोस्ती, न्याय और व्यक्तिगत आचरण जैसे विषयों को शामिल किया गया है और इसका कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है।
