विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द होगा, डेट हो गई फाइनल; शिक्षा मंत्रालय पर बन गई बात?

Published: Tue, 13 Oct 2026 09:30 PM (IST)

मोदी कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित विस्तार 20 अक्टूबर तक होने की उम्मीद है, जिसमें एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय में बदलाव की संभावना है।

मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द होगा। (फाइल)

मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द होगा। (फाइल)

HighLights

  1. मोदी कैबिनेट का विस्तार दुर्गा पूजा तक संभव।

  2. एल मुरुगन के इस्तीफे से विस्तार की घोषणा तय।

  3. शिक्षा मंत्रालय में फेरबदल की प्रबल संभावना।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लंबे समय से प्रतीक्षित नरेंद्र मोदी कैबिनेट का विस्तार दुर्गा पूजा के शुभ मुहूर्त में ही हो सकता है। यानी 20 अक्टूबर तक। मंगलवार को केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री एल मुरुगन के कैबिनेट के साथ-साथ राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देने के बाद इसकी घोषणा तय मानी जा रही है।

माना जा रहा है कि मुरुगन के स्थान पर राज्यसभा में कोई ऐसे व्यक्ति आ सकते हैं जो शिक्षा जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। मोदी कैबिनेट 3 में यह पहला और संभवत: आखिरी विस्तार होगा। इसकी भी पूरी संभावना है कि पहली बार पूरी क्षमता में कैबिनेट मौजूद हो, यानी 80-81 मंत्री हों। फिलहाल तीन मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।

कई मंत्रियों के छुट्टी तय

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को इस बार राज्यसभा में दोबारा नहीं भेजा गया ऐसे में ये दोनों विस्तार तक मंत्री रह सकते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी विस्तार तक ही मंत्री रहेंगे।

शिक्षा मंत्रालय में होगा फेरबदल?

विस्तार में सबसे ज्यादा नजर उस पर होगी जो मध्य प्रदेश से खाली हुई मुरुगन की सीट पर सदन पहुंचेंगे। संभव है कि इस स्थान पर आने वाले व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय दिया जाए। फिलहाल शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त जिम्मा केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी के पास है। सहयोगी दलों से भी कुछ नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।

कैबिनेट विस्तार से राजनीतिक विमर्श बदलने में मिलेगी मदद

वैसे इस संभावित कैबिनेट विस्तार का एक अन्य पहलू भी चर्चा में है। काफी अरसे से यह विस्तार प्रतीक्षित है और इससे न सिर्फ सरकार के अंदर कामकाज में बदलाव आएगा बल्कि राजनीतिक विमर्श को भी बदलने में मदद मिलेगी।

पिछले दस दिनों से विपक्ष की ओर से लगातार सड़कों पर प्रदर्शन किया जा रहा है, सोशल मीडिया में चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह विस्तार नए विमर्श को खड़ा करेगा।