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Modi Cabinet: केंद्र सरकार के तीन बड़े फैसले, रेल-जूट और एयरपोर्ट को बूस्ट

Published: Tue, 24 Feb 2026 04:01 PM (IST)Updated: Tue, 24 Feb 2026 04:04 PM (IST)

केंद्र सरकार ने रेलवे, शहरी परिवहन और विमानन क्षेत्रों में बड़े निवेश को मंजूरी दी है। इन इन्फ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत ...और पढ़ें

केंद्र सरकार ने ₹12,236 करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसले मंजूर किए (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने ₹12,236 करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसले मंजूर किए (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई यूनियन कैबिनेट की बैठक में रेलवे, मेट्रो और एविएशन क्षेत्र के अहम प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल गई। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 12,236 करोड़ रुपये है। साथ ही पावर सेक्टर में सुधारों को लेकर नीतिगत फैसले लिए गए और केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मंजूरी भी दे दी गई।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला मजबूत बूस्ट

कैबिनेट ने रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यूनियन मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'कैबिनेट ने 5,236 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन को डबल करने को मंजूरी दी। इसके साथ पुनारख और किउल के बीच 2,668 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट वाली तीसरी और चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली।

इसके अलावा गम्हरिया-चांडिल खंड पर तीसरी और चौथी लाइन बनाने को भी मंजूरी मिली है, जिसकी लागत 1,168 करोड़ रुपये है। इन प्रोजेक्ट्स से माल और यात्री आवागमन तेज होगा तथा पूर्वी और मध्य भारत के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

एविएशन और मेट्रो में निवेश 

श्रीनगर में नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल का निर्माण 1,667 करोड़ रुपये की लागत से होगा। वहीं अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज-2B के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

किसानों के हित में MSP

कैबिनेट ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दी, जिससे 430 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। यह फैसला जूट किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

सेवा तीर्थ’ में पहली कैबिनेट की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में हुई अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'यह मीटिंग और यह बिल्डिंग नए भारत के पुनर्निर्माण का सीधा उदाहरण है। इस शुभ शुरुआत के साथ, हम उस भविष्य का स्वागत करते हैं जिसकी नींव सदियों की मेहनत से रखी गई है।'

उन्होंने कहा, 'इस मौके पर हम इस जगह के इतिहास को भी याद करते हैं। ब्रिटिश काल के टेम्पररी बैरक की जगह पर 'सेवा तीर्थ' बनाया गया है। उस जगह पर नेशनल गवर्नेंस की एक एक्टिव संस्था की स्थापना भी न्यू इंडिया के बदलाव का प्रतीक है।'

केरल का बदला नाम

इस बैठक में एक और अहम फैसला लिया गयामंगलवार को केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह कदम 24 जून, 2024 को केरल असेंबली में एकमत से पास हुए प्रस्ताव के बाद आया है, जिसमें केंद्र से संविधान के पहले शेड्यूल में बदलाव करके 'केरलम' नाम दिखाने की अपील की गई थी।