'यूक्रेन में शांति के लिए जो भी संभव होगा, वह करेंगे', प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड के पीएम को दिलाया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री टुस्क को यूक्रेन में शांति के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया। दोनों ...और पढ़ें

पीएम मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टुस्क की मुलाकात (फोटो-MEA/एक्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टुस्क को आश्वासन दिया कि भारत यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
भारत दौरे पर आए टुस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पारंपरिक संयुक्त प्रेस वार्ता में मोदी ने कहा कि दोनों देश यूक्रेन में चल रहे युद्ध से गहरी चिंता व्यक्त करते हैं और इसकी गंभीर मानवीय कीमतों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति की जरूरत है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अनिवार्य है। मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध से वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर उल्टा असर पड़ने का मुद्दा भी फिर सो उठाया।
इस दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया। रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के बीच व्यवस्थित वार्ता शुरू करने को सहमत हुए हैं। इसमें भारतीय और पोलिश रक्षा उद्योगों के बीच व्यावसायिक सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी, सह-विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
दोनों पक्षों ने प्रत्यक्ष उड़ानों को बढ़ाने और शिपिंग तथा समुद्री सुरक्षा में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की निंदा करते हुए दोनों पक्षों ने काउंटर-टेररिज्म पर संवाद शुरू करने का फैसला किया।दोनों देशों ने जो संयुक्त बयान जारी किया है उसमें पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी की गई।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद पोलैंड ने पाकिस्तान के साथ भी संबंध बेहतर करने की शुरुआत की है।
पोलिश प्रधानमंत्री डोनल्ड टुस्क ने भारत-पोलैंड संबंधों को विश्वास, साझा मूल्यों और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि, हमारे बीच कोई ऐतिहासिक मुद्दा नहीं है जो हमें विभाजित करे। टुस्क ने कहा कि पोलैंड भारत के इतिहास और राजनीतिक परंपराओं से प्रेरित रहा है।
टुस्क ने मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा, मैं बहुत गर्व के साथ आपको अपना मित्र कह सकता हूं। भारत जैसी शक्तिशाली देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री मोदी जैसे व्यक्ति वैश्विक अनिश्चितता के बीच हम सबके लिए आशा की किरण हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पोलैंड कभी भारत को धोखा नहीं देगा और जानता है कि भारत भी उन्हें धोखा नहीं देगा।विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाएगी तथा भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को गहरा करेगी।
दोनों नेताओं ने भारतीय कंपनियों को पोलैंड को मध्य और पूर्वी यूरोप के गेटवे के रूप में उपयोग करने तथा पोलिश कंपनियों को भारत के विशाल बाजार और कुशल कार्यबल का लाभ उठाने का आह्वान किया। यह बैठक दोनों देशों के सैन्य और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
