यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी ने राहुल को घर में ललकारा
सोमवार को नरेंद्र मोदी का पड़ाव राहुल गांधी की अमेठी में था। चुन-चुन कर चलाए तीरों का उन्हें जो 'रिस्पांस' ...और पढ़ें

अमेठी [राज बहादुर सिंह]। सोमवार को नरेंद्र मोदी का पड़ाव राहुल गांधी की अमेठी में था। चुन-चुन कर चलाए तीरों का उन्हें जो 'रिस्पांस' मिला, उससे निश्चित रूप से नमो के आत्मविश्वास में इजाफा हुआ। हालिया सालों में अपने घर में सबसे बड़ी रैली देख कर मानो अमेठी भी बोल पड़ी अबकी बार-मोदी सरकार। वैसे उनकी चयनित उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने भी भाषण देकर मोदी के सामने ही अबकी बार- मोदी सरकार.. का जनता से नारा लगवाया।
अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज से पांच किलोमीटर दूर दुलापुर खुर्द के मैदान में सोमवार को नरेंद्र मोदी खूब बोले। लगभग 50 मिनट तक उन्होंने अपने विरोधियों खासकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को निशाने पर रखा लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि वे अमेठी में बदले की नहीं बल्कि बदलाव की बात करने आए हैं।
स्मृति मेरी छोटी बहन
अमेठी से भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी की पहचान को लेकर प्रियंका गांधी द्वारा उठाए गए सवाल का भावनात्मक जवाब देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्मृति उनकी छोटी बहन हैं और उन्हें अपनी बहन पर पूरा भरोसा है। स्मृति के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही वह कुछ समय पहले ही यहां आई हैं लेकिन अगर एक ओर उन्हें खड़ा कर दिया जाए और दूसरी ओर सोनिया, राहुल और प्रियंका को तो स्मृति अमेठी के सौ गांवों का नाम बता सकती हैं जबकि गांधी परिवार दस गांव भी नहीं जानता।
विकास की स्टडी करने यूनिवर्सिटी आएंगी
मोदी ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा उन्हें मांगने वाला बताए जाने का भी माकूल जवाब दिया। उन्होंने कहा लोकतंत्र में जनता जनार्दन है और उससे कुछ मांगना लूटने से तो बेहतर है। उन्होंने कहा कि साठ महीने में वह अमेठी का ऐसा विकास करके दिखाएंगे कि पूरी दुनिया कि यूनिवर्सिटीज यहां की स्टडी करने आएंगी। उन्होंने कहा कि भले ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव उनके राजनीतिक विरोधी हों लेकिन वह राहुल गांधी के इन आरोपों को सही नहीं मानते कि सपा सरकार ने अमेठी के विकास को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई पत्र राहुल के पास है तो वह उसे सार्वजनिक करें। खुद राहुल ने दस साल में कभी लोकसभा में अमेठी का नाम भी नहीं लिया।
गुस्से की राजनीति करते हैं गांधी
खुद पर गुस्से की राजनीति करने के आरोप का पलटवार करते हुए मोदी ने राजीव गांधी द्वारा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री का सार्वजनिक अपमान करने और राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश को नानसेंस कह कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान करने का उल्लेख किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा अति पिछड़ी जाति के सीताराम केसरी को सड़क पर फिंकवाने का जिक्र किया और कहा कि जिस तरह अंग्रेजों से लड़ने के कारण अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर को दफन होने के लिए दो गज जमीन नहीं दी थी उसी तरह सोनिया गांधी ने भारत के प्रधानमंत्री रह चुके पीवी नरसिंह राव का दाह संस्कार दिल्ली में नहीं होने दिया। निर्धारित समय से करीब सवा तीन घंटे बिलंब से पहुंचने के बाद भी मोदी को सुनने के लिए भारी भीड़ मौजूद थी।
