रायपुर [जेएनएन]। ओवरचार्जिंग तो कभी चार्जिंग के दौरान बात करने, संगीत सुनने के कारण मोबाइल की बैटरी में विस्फोट की घटनाएं जब-तब सामने आती हैं। लेकिन, यह बात कम ही लोगों को पता है कि, बारिश के दिनों में बिजली की गरज-चमक बंद-चालू मोबाइल-स्मार्टफोन को बम के समान विस्फोटक बना सकती है।

दरअसल, मोबाइल की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड आकाशीय बिजली को अपनी ओर आकर्षित करती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिजली गरजने के दौरान यदि आप किसी खुले स्थान पर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे होते हैं, तो उस वक्त बिजली गिरने का खतरा और भी बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में मोबाइल को स्विच ऑफ कर रखने से भी खतरा बना रहता है।

क्यों बढ़ जाता है खतरा?

आकाशीय बिजली के मोबाइल की ओर आकर्षण से धमाका हो सकता है। मोबाइल फोन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड होता है अगर आप किसी ऐसी जगह मौजूद हों जहां बिजली चमक रही हो, तो मोबाइल फोन का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बिजली को अपनी ओर खींच लेगा। ऐसी स्थिति में बिजली की तरंगें मोबाइल में प्रवेश कर जाएंगी और विस्फोट हो जाएगा।

मोबाइल स्विच ऑफ करने से भी है खतरा

बारिश के दौरान स्विच ऑफ मोबाइल भी खतरनाक साबित हो सकता है। दुनिया भर में हर सेकंड 1800 से 2000 बादलों की गर्जना होती है। आकाश से बिजली पृथ्वी पर 22 हजार 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरती है। वैज्ञानिकों के अनुसार आकाश में रोज 44 हजार बार बिजली चमकती है, लेकिन बिजली और हमारे बीच बादलों की मोटी परत की वजह से ये हमें हमेशा नहीं दिखाई देती हैं।

इस तरह कम कर सकते हैं रेडिएशन

- रेडिएशन कम करने के लिए अपने फोन के साथ फेराइट बीड (रेडिशन सोखने वाला यंत्र) भी लगा सकते हैं।

- मोबाइल फोन रेडिएशन शील्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। कई कंपनियां मार्केट में इस तरह के उपकरण बेच रही हैं।

- रेडिएशन ब्लॉक एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये कुछ खास तरह के सॉफ्टवेयर होते हैं, जो खास वक्त के लिए ब्लू-टूथ, वाई-फाई, एंटीना को ब्लॉक कर देते हैं।

मोबाइल से ज्यादा टॉवर से है खतरा

रेडियोफ्रिक्वेंसी की रेंज जितनी अधिक होती है, बिजली उतनी ही स्पीड से आकर्षित होकर मोबाइल से संपर्क करती है। जिससे विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है। मोबाइल से ज्यादा रेडिएशन मोबाइल टॉवर से मिलते हैं। बारिश के दौरान मोबाइल टॉवर से दूरी पर रहना ही सुरक्षित होता है, अक्सर लोग मोबाइल पर बात करते हुए इस बात पर ध्यान नहीं देते कि वे टॉवर की रेंज के नजदीक पहुंच रहे हैं। इससे खतरा बढ़ जाता है। जैसी अर्थिंग मिलती है, वैसे ही बिजली गिरती है।

अशोक वर्मा, एक्सपर्ट 

Posted By: Sanjay Pokhriyal