आइजल, प्रेट्र। कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए मिजोरम सरकार ने शुक्रवार को राज्य में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री जोरमथांगा के नेतृत्व में विभिन्न राजनीतिक दलों, गैरसरकारी संगठनों समेत कई अन्य संगठनों, चर्चो और डॉक्टरों ने एक बैठक में गुरुवार को लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया था। इसके बाद ही शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न कार्य दलों की बैठक में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया।

बैठक में बढ़े हुए लॉकडाउन के दौरान नए दिशानिर्देशों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, गांव अथवा स्थानीय स्तर के कार्यदल स्वयंसेवकों, विशेष ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और क्वारंटाइन केंद्रों से कचरा उठाने वालों जैसे फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बीमा कवर बढ़ाने के बारे में अध्ययन के लिए एक कार्यदल गठित किया गया। मालूम हो कि मिजोरम में नीदरलैंड से लौटा एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद सात अप्रैल से राज्य में अब तक 202 सैंपलों की जांच की गई है और उनमें से कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है।

चर्चों को बनाया जाएगा क्वारंटाइन सेंटर्स

कोरोना संक्रमण के चलते मिजोरम सरकार राज्य की चर्चों को क्वारंटाइन सेंटर में बदलने जा रही है। मिजोरम सरकार ने चर्चों को क्वारंटाइन सेंटर्स में तब्दील करने का आग्रह किया था जिस पर चर्चों को अनुमति मिल गई है।

राज्य सूचना और जनसंपर्क विभाग के अनुसार, कुछ चर्च अपने खुद के फंड से लोगों को भोजन प्रदान करने के लिए सहमत हुए हैं। राज्य डीआइपी ने बताया कि मिजोरम में चर्चों ने अपने  हॉल को क्वारंटाइन सुविधाओं के रूप में उपयोग करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। कुछ चर्चों ने अपने स्वयं के फंड से पूरे संस्थागत क्वारंटाइन अवधि के लिए भोजन प्रदान करने के लिए भी कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मिजोरम में अब तक केवल एक संक्रमित मामला सामने आया जो कि ठीक हो चुका है।

Posted By: Shashank Pandey

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