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छुट्टी पर घर लौट रहे सेना के जवान की मिजोरम में पीट-पीटकर हत्या, दो नाबालिग सहित आठ गिरफ्तार

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:36 PM (IST)

मिजोरम के कोलासिब जिले में छुट्टी पर घर लौट रहे असम रेजिमेंट के 29 वर्षीय फौजी जकारिया लालह्रिअत्तलुआंगा की सड़क विवाद के दौरान कुछ युवकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।

जान गवाने वाले सेना के जवान जकारिया लालह्रिअत्तलुआंगा (तस्वीर-सोशल मीडिया)

जान गवाने वाले सेना के जवान जकारिया लालह्रिअत्तलुआंगा (तस्वीर-सोशल मीडिया)

HighLights

  1. मिजोरम के कोलासिब में फौजी की हत्या।

  2. सड़क विवाद के दौरान पीट-पीटकर मार डाला।

  3. दो नाबालिगों सहित आठ आरोपी गिरफ्तार किए गए।

डिजिटल डेस्क, आइजोल। मिजोरम के कोलासिब जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। देश की रक्षा करने वाले असम रेजिमेंट के 29 वर्षीय एक फौजी जवान की सड़क विवाद के दौरान कुछ युवकों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जवान अपनी छुट्टी के दौरान घर लौट रहा था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जान गंवाने वाले जवान की पहचान जकारिया लालह्रिअत्तलुआंगा के रूप में हुई है। वे असम रेजिमेंट में थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तैनात थे। बता दें कि यह घटना 20 सितंबर की है। जकारिया लेंगपुई हवाई अड्डे से अपने दोस्त के साथ ट्रक में सवार होकर मिजोरम के न्यू बुइलुम गांव स्थित अपने घर जा रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग-306 पर यह खौफनाक वारदात हुई।

किस कारण शुरू हुआ विवाद?

खराब सड़कों के कारण विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक के गलत साइड पर चलने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। जब जकारिया के दोस्त जो ट्रक चला रहे थे ने इसका विरोध किया, तो पिकअप वैन में सवार होकर आ रहे कुछ युवकों ने उन पर हमला बोल दिया। गवाहों के अनुसार, हमलावर युवक कवनपुई टाउन के एक हॉकी टीम से जुड़े थे और पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। कथित तौर पर वे नशे में थे।

इसके बाद जब जकारिया के दोस्त ने दूसरे ट्रक ड्राइवर से बात की, तो इन युवकों ने उन्हें गाड़ी से खींचकर पीटना शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने आए जकारिया पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनके साथ मौजूद अन्य दोस्त भी घायल हो गए।

अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी

घटना की सूचना फैलने के बाद लोगों में फैले आक्रोश के बीच पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

दूसरी ओर सेना के जवना जकारिया के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी 60 वर्षीय मां लालथाजोवी ने बताया कि उन्होंने घटना से ठीक पहले बेटे से फोन पर बात की थी और उसने शाम 6:30 बजे तक घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह अनहोनी हो गई।

परिवार के इकलौते कमाने वाले थे जकारिया

गौरतलब है कि जकारिया साल 2017 में असम रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। उनके 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता और मां अब काम करने में असमर्थ हैं। जकारिया ही अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे और उन्होंने घर बनाने के लिए कर्ज भी ले रखा था।

अपने बेटे की ऐसी खबर सुनकर बेसुध मां ने रोते हुए कहा कि जो बेटा देश की रक्षा के लिए दूर रहता था और परिवार के साथ छुट्टियां बिताने घर आ रहा था, उसे बदमाशों ने घर पहुंचने से पहले ही छीन लिया। हम दोषियों के लिए कड़ी सजा और न्याय चाहते हैं।