इंदौर, जेएनएन। 14 वर्षीय बच्ची को दरिंदा बहला-फुसलाकर ले गया। उससे रात में तांत्रिक क्रियाएं करवाई और नशीली गोलियां खिलाकर दुष्कर्म करता रहा। कुछ दिनों बाद भूत-प्रेत का साया बताकर बच्ची को बेड़ियों में जकड़ लिया। मां और दादी की मदद से बच्ची को दरगाह पर छोड़ कर भाग गया। दिल दहला देने वाली घटना यह गांधीनगर थाना क्षेत्र की है।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष माया पांडे ने बुधवार रात तांत्रिक उखड़ला मानकर, अजय, दादी गीताबाई और मां सुनीता के खिलाफ एसपी के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। अध्यक्ष के अनुसार बच्ची कर्बला स्थित दरगाह पर बेहोश मिली थी। बच्ची के पैरों में बेड़ियां पड़ी थी और ताला जड़ा हुआ था। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता दूसरी शादी कर चुके हैं। वह नानी के साथ घर पर रहती है। अजय उसे बहाने से ले गया था।

अजय ने कहा कि वह पगपाइली है। तंत्र क्रिया के लिए श्मशान में ले गया और उखड़ला के साथ तांत्रिक क्रिया करने लगा। 13 और 14 नवंबर को नशीली गोलियां खिलाकर दुष्कर्म किया। दो दिन बाद कहा कि बच्ची पर भूत--प्रेत का साया है। आरोपितों ने उसे लोहे की बेड़ियों से जकड़ कर दरगाह पर छोड़ दिया। 

जानिए क्या होता है पगपायला
आम तौर पर जन्म के समय मां के गर्भ से शिशु का सिर पहले बाहर आता है। लेकिन कुछ विलक्षण शिशु ऐसे होते हैं कि जन्म के समय उनका सिर नहीं बल्कि पैर पहले गर्भ से बाहर आते हैं। ऐसे बच्चों को तंत्र की भाषा में पगपायला कहा जाता है। तांत्रिक यह मानते हैं कि पगपायले बच्चे तंत्र क्रिया के लिए सबसे बेहतर माध्यम होते हैं। लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है ये कहना मुश्किल है।

बेड़िया मत खोलो, आत्मा घुस जाएगी
समिति के सदस्यों ने बच्ची को मुक्त करवाया लेकिन बेड़ियों की चाबी नहीं मिली। उन्होंने ताला तोड़ा तो बच्ची ने कहा- मेरी बेड़िया मत खोलो। मैं बेहोश हो जाऊंगी। मेरे शरीर में आत्मा घुस जाएगी।

Posted By: Arti Yadav