नई दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप के नाबालिग आरोपी राजू (परिवर्तित नाम) के मामले में दिल्ली गेट स्थित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (बाल न्यायालय) ने शनिवार को फैसला सुना दिया। सभी मामलों में उसे दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई है। इस फैसले पर पीड़िता के परिवार के अलावा देश व दुनिया की भी निगाहें टिकी हुई थीं। हम आपको यह बता दें कि वारदात के वक्त राजू नाबालिग था, लेकिन बीते 4 जून को वह बालिग हो गया।

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बदायूं का रहने वाला है नाबालिग :-

नाबालिग आरोपी राजू उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। राजू ने बचपन में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। बारह साल की उम्र में घर छोड़ दिल्ली आ गया था। यहां आनंद विहार बस अड्डे से चलने वाली निजी बसों में वह परिचालक की नौकरी करने लगा। उसने घर से नाता रिश्ता तोड़ लिया था। दिल्ली गैंगरेप के मुख्य आरोपी रहा राम सिंह जब किसी अन्य बस का चालक था, तब वह उसके साथ परिचालक का काम कर चुका था।

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आठ लोगों की हुई गवाही:-

राजू मामले में बीते 26 मई को अभियोजन की गवाही पूरी हो गई। अभियोजन की तरफ से कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिनमें वसंत विहार थाने के थानाध्यक्ष अनिल शर्मा, जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रतिभा सिंह, घटना का चश्मदीद युवती का दोस्त अवनींद्र, राजू के स्कूल के वर्तमान व पूर्व प्रधानाचार्य, युवती के बयान दर्ज करने वाले मजिस्ट्रेट, एसडीएम व एक अन्य शामिल हैं।

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नाबालिग करार दिया गया आरोपी :-

26 जून को सजा पर अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस हुई। दिल्ली गेट स्थित बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल के यहां सुनवाई हुई। उन्होंने रूल-2 जेजे एक्ट के तहत राजू को नाबालिग करार दिया था। जिसके बाद जेजे एक्ट के सेक्शन 15 के तहत इस पर ट्रायल चला।

चार जून को हुआ बालिग :-

स्कूल सर्टिफिकेट में दर्ज उम्र के आधार पर जिस दिन (16 दिसंबर की रात) राजू ने वसंत विहार इलाके में सफेद रंग की चलती चार्टर्ड बस में पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर 23 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट को हवस का शिकार बनाया, उस दिन उसकी उम्र 17 साल 6 महीने 11 दिन थी। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर 28 जनवरी को उसे नाबालिग करार दिया था।

उसी ने युवती को बस में बुलाया :-

राजू उधारी के पैसे लेने 16 दिसंबर की सुबह राम सिंह के रविदास कैंप आया था। दोपहर में उसने राम सिंह के घर पार्टी रखी थी। जहां इन दोनों के अलावा मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा व पवन गुप्ता ने मांस खाया और शराब पी। शाम को सभी स्कूल बस में मौज-मस्ती के लिए निकल पड़े थे। राजू परिचालक की सीट पर बैठा हुआ था और मुकेश बस चला रहा था।

फल विक्रेता से लूट :-

कैंप से निकलते ही सबसे पहले राजू ने आरकेपुरम सेक्टर चार के पास आवाज लगाकर संगम विहार के रहने वाले फल विक्रेता रामाधार सिंह को बस में बैठा उनका मोबाइल फोन व 1100 रुपये लूट लिये थे। इसके बाद उसने मुनीरका बस स्टॉप के पास आवाज लगा युवती व उसके दोस्त को द्वारका जाने की झूठी बात बता बस में बैठा लिया था।

राजू ने ही युवती को बस से फेंका :-

दोनों के बस में घुसते ही राजू ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया था और पांच अन्य के साथ इसने भी युवती से दुष्कर्म किया था। बाद में वह युवती के बाल पकड़ बस में घसीटते हुए गेट तक ले आया था। फिर चलती बस से नीचे फेंक दिया था। घटना के पांचवे दिन पुलिस ने राजू को आनंद विहार बस अड्डे के पास से दबोच लिया।

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