नई दिल्ली, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की रैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर देश के युवाओं को इससे जुड़ने का आह्वान किया। इससे पहले 15 अगस्त 2020 को भी वे इसके विस्तार की घोषणा कर चुके थे। रक्षा मंत्रालय ने एनसीसी के विस्तार की योजना बनाई है। क्या है यह योजना? और क्या होगी भूमिका? इस पर रिपोर्ट:

 एक लाख कैडेटों को किया जाएगा शामिल

इस योजना के तहत 173 तटीय और सीमावर्ती जिलों के कुल एक लाख कैडेटों को एनसीसी में शामिल किया जाएगा। एक तिहाई कैडेट लड़कियां कैडेट होंगी। सीमा और तटीय जिलों में 1000 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों की पहचान की गई है, जहां एनसीसी की शुरुआत की जाएगी। इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेना सीमा क्षेत्रों में स्थित एनसीसी इकाइयों को प्रशिक्षित करेगी।

नौसेना तटीय क्षेत्रों में एनसीसी इकाइयों को सहायता प्रदान करेगी और इसी प्रकार वायु सेना स्टेशनों के करीब स्थित एनसीसी इकाइयों को सहायता प्रदान करेगी। ट्रेनिंग देने के बाद इन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। एनसीसी विस्तार योजना को राज्यों के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा।

अपग्रेड होंगी यूनिट

एनसीसी की विस्तार योजना के तहत एनसीसी के 83 यूनिट अपग्रेड किए जाएंगे। इनमें से 53 यूनिट आर्मी में, नेवी में 20 यूनिट और एयरफोर्स में 10 यूनिट होंगे। ये यूनिट बॉर्डर और समुद्र तट के जिलों में नए कैडेट्स को ट्रेनिंग देंगे। आर्मी उन जिलों में नए कैडेट्स को ट्रेनिंग देगी जो सीमा से सटे हैं। नेवी के पास उन जिलों में ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी होगी जो समुद्र तट से सटे हुए हैं, जबकि एयर फोर्स वहां ट्रेनिंग देगी जिन जिलों के आस-पास एयरपोर्ट स्टेशन हैं। भर्ती में मिलेंगे बोनस अंक एनसीसी कैडेट को सीएपीएफ की परीक्षा में बड़ा फायदा मिलेगा। राज्य सरकारों से पुलिस फोर्स में एनसीसी को वरीयता देने का आग्रह किया गया है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर में भारत के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने एनसीसी सर्टिफिकेट धारकों को बोनस अंक देने के लिए एक अनूठा निर्णय लिया है। अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सशस्त्र बलों की परीक्षाओं में एनसीसी कैडेट को अलग से अंक दिए जाएंगे।

इसके अलावा राज्य सरकारों से भी सशस्त्र पुलिस बलों में एनसीसी सर्टिफिकेट धारकों को प्रोत्साहन अंक देने का आग्रह किया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में एनसीसी के लिए ये फायदा- एनसीसी प्रमाण पत्र धारकों को परीक्षा के अधिकतम अंकों का 5 बोनस अंकों तक फायदा दिया जाएगा। उपनिरीक्षक और कांस्टेबल (जीडी) के पदों के लिए सीधी भर्ती में इन्हें वरीयता मिले, इसकी भी चर्चा चल रही है।

त्रिकोणीय संगठन: एनसीसी एक त्रिकोणीय सेवा संगठन है जिसमें सेना, नौसेना और वायु विंग शामिल हैं।

गठन: एनसीसी का गठन वर्ष 1948 में गठन किया गया था।

आदर्श वाक्य: एकता और अनुशासन जिसके पालन से यह युवाओं को अनुशासित और देशभक्त नागरिकों के रूप में तैयार करता है।

लक्ष्य: राष्ट्र के प्रति अनुशासन, दृढ़ संकल्प और भक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए एक बहुत मजबूत मंच है। ऐसे मिलते हैं प्रमाण पत्रएनसीसी में प्रथम स्तर से उत्तीर्ण होने पर कैडेट को प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाता है। जो पहले स्तर का प्रमाण पत्र पाने वाले को ही दूसरे स्तर का प्रमाण पत्र दिया जाता है। कठिन प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एनसीसी कैडेट को उच्चतम प्रमाणपत्र दिया जाता है।

14 लाख वर्तमान में एनसीसी में

सेना, नौसेना और वायु सेना के विंग से लगभग 14 लाख कैडेट्स की ताकत है। यह हाई स्कूल और कॉलेज स्तर पर कैडेटों का नामांकन करता है और विभिन्न चरणों के पूरा होने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान करता है।

60 हजार से ज्यादा एनसीसी कैडेटों ने की राहत कार्यों में भागीदारी

विभिन्न आपातकालीन स्थितियों के दौरान राहत प्रयासों में एनसीसी कैडेटों ने वर्षो से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जारी महामारी के दौरान, देश भर में जिला और राज्य अधिकारियों के समन्वय में स्वैच्छिक राहत कार्य के लिए 60,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों को तैनात किया गया है।

एनसीसी के पुनर्गठन की योजना

लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेखतकर (सेवानिवृत्त)की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की समिति (सीओई)ने दी थी। वर्ष 2016 के मध्य में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा इसे वापस गठित किया गया था। मीडिया को दिए गए अलग-अलग बयानों में जनरल शेखतकर ने कहा, निश्चित रूप से एनसीसी के लिए तटीय और सीमा क्षेत्रों में अपने पदचिह्न को बढ़ाने की गुंजाइश है।

तटीय क्षेत्रों में, जहां युवा पहले से ही समुद्र से परिचित हैं। प्रशिक्षण नौसेना, तटरक्षक बल और मर्चेंट शिपिंग रास्ते में करियर में रुचि बढ़ाएगा। सीमा क्षेत्र में, प्रशिक्षित कैडेट विभिन्न प्रतियोगिताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विभिन्न भूमिकाओं में सशस्त्र सहायक भूमिकाओं में भी।

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