नई दिल्ली, एएनआइ। दुनियाभर में आतंक का साया तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए दुनियाभर के नेता एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। भारत भी आतंक के साये से बच नहीं पाता है। आतंकवाद के मसले पर भारत कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। आतंकवाद के मसले पर आज राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में गृह मंत्रालय ने जवाब दिया। गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्य में इस बात की जानकारी दी कि देश में 12 ऐसे राज्य हैं, जहां आइएस के आतंकी सबसे अधिक सक्रिय हैं। इनमें यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर जैसे राज्य भी शामिल हैं।

राज्यसभा में उन राज्यों पर विवरण जहां आईएस आतंकवादी सबसे अधिक सक्रिय हैं, इसके लिखित जवाब में गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि एनआईए की जांच में पता चला है कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल , राजस्थान, बिहार, यूपी, एमपी और जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक सक्रिय है।

एनआइए ने नौ और लोगों को ठहराया दोषी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के स्‍पेशल जज ने आइएसआइएस से जुड़े मामले में नौ और लोगों को दोषी ठहराया है। इससे पहले इस मामले में छह लोगों को दोषी ठहरा कर सजा सुनाई जा चुकी है। आतंकी संगठन आइएस (इस्लामिक स्टेट) के 9 आतंकियों को पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआइए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) अदालत ने देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर दोषी करार दिया है।

इन पर भारत में आइएस की पैठ जमाने के लिए मुस्लिम युवाओं को संगठित करने का आरोप था। दोषियों ने जुनुद उल खिलाफा फिल हिंद नाम से एक संगठन बनाया, जोकि आइएस के लिए काम करता था।

एनआइए ने 2015 में केस दर्ज किया था। इस मामले में छह अन्य को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है। विशेष अदालत ने मोहम्मद नफीस खान, अबू अनस, नजमूल हुदा, मोहम्मद अफजल, सुहेल अहमद, मोहम्मद उबेदूला, मोहम्मद अलीम, मुफ्ती काशमी और अमजद खान पर लगे आरोप को सही मानते हुए दोषी करार दिया। 22 सितंबर को दोषियों की सजा पर बहस होगी।

Posted By: Shashank Pandey

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस