नई दिल्ली, एएनआइ। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी अयोध्या मामलों और संबंधित न्यायालय के निर्णयों से निपटने के लिए एक अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी को नामित किया है। एमएचए के अनुसार, उप सचिव (राष्ट्रीय एकता) द्वारा अतिरिक्त सचिव (जम्मू, कश्मीर और लद्दाख) द्वारा संयुक्त सचिव (जेकेएल) के माध्यम से एक ही विषय में सभी फाइलें रखी जाएंगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 नवंबर को दिए गए फैसले के मद्देनजर ये कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिसने विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की अनुमति दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर अपने फैसले में यूपी सुन्नी बोर्ड को 5 एकड़ की जमीन सौंपने और राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का भी आदेश दिया था।

गृह मंत्रालय के सूत्रों की माने तो अब अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाली गृह मंत्रालय की यह नई विंग अयोध्या मुद्दे से जुड़े सभी मामलों को देखेंगी। जानकारी के लिए बता दें कि अतिरिक्त ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में जम्मू कश्मीर और लद्दाख से जुड़े विभाग देखते हैं। इससे पहले खबरें आई थी कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में 3 भूखंड़ों का सुझाव देते हुए गृह मंत्रालय को एक प्रसातव भेजा। जिसमें से एक सुन्नी बोर्ड को सौंपी जा सकती है। अब से इन मामलों को गृह मंत्रालय की नई डेस्क संभालेगी।

इससे पहले 31 दिसंबर को यह खबर आई थी कि अयोध्या प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद को दी जाने वाली 5 जमीनों की पहचान कर ली है। ये पांचों जमीनों अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा के बाहर है। पंचकोसी 15 किलोमीटर परिक्रमा की वह परिधि है जिसे अयोध्या का पवित्र क्षेत्र माना जाता है। फिलहाल, प्रशासन की तरफ से चिन्हित की गई पाचों जमीनें इस पंचकोसी परिक्रमा से बाहर है। इसके अलावा, MHA ने अपने आंतरिक सुरक्षा- II डिवीजन को आंतरिक सुरक्षा- I में विलय कर दिया है और इसे आंतरिक सुरक्षा प्रभाग का नाम दिया है।

Posted By: Ayushi Tyagi

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