नई दिल्ली: लगातार दो साल तक कम बारिश के बाद देश के किसान इस साल अच्छे मानसून की उम्मीद कर सकते हैं। स्वतंत्र रूप से मौसम का अनुमान लगाने वाली सेवा 'स्काईमेट', वेदर रिस्क मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड (डब्लूआरएमएसएल) और भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने यही अनुमान व्यक्त किए हैं।

स्काईमेट और आइएमडी ने एक जून से 30 सितंबर तक 89 सेमी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। स्काईमेट के निदेशक महेश पालावत ने बताया कि 89 सेमी बारिश सौ फीसद के बराबर होती है। जिसे सामान्य मानसून भी कह सकते हैं।

आइएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि मानसून का अनुमान सामान्यत: 20 से 25 अप्रैल के बीच लगाया जाता है, लेकिन अल नीनो की स्थिति कमजोर होती जा रही है और इसके मई तक 0.5 स्केल से नीचे जाने की संभावना है। ऐसी स्थिति में यह मानसून को किसी भी तरह प्रभावित नहीं करता। लिहाजा इस साल बारिश सामान्य होगी।

डब्लूआरएमएसएल के मुताबिक, इस साल जून में बारिश सामान्य से 25 फीसद अधिक होगी। उसके सीनियर कंसल्टेंट कांति प्रसाद ने बताया कि उसके बाद बारिश में कमी आती जाएगी और औसत में यह सामान्य मानसून ही कहलाएगा। उन्होंने कहा, संभव है कि इस साल उत्तरपूर्वी भारत में अच्छी बारिश न हो, क्योंकि देखा गया है कि जब पूरे भारत में अच्छी बारिश होती है तो देश का उत्तरपूर्वी हिस्सा इससे वंचित रहता है।

Posted By: Rajesh Kumar