नई दिल्ली, प्रेट्र: अगस्त महीने में करीब आधे भारत में औसत से अधिक बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त माह के दौरान हुई बारिश औसत से 15 फीसद ज्यादा थी।

यह लगातार दूसरा महीना है जब देश में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। जुलाई में दीर्घकालिक औसत (LPA) के मुकाबले 109 फीसद बारिश हुई, जबकि अगस्त में यह 115 फीसद पर पहुंच गई। हालांकि, जून महीने में LPA के मुकाबले सिर्फ 87 फीसद ही बारिश हुई थी। देश में बारिश का LPA फिलहाल 89 सेंटीमीटर है। यह मौसम के दौरान वर्ष 1951 से 2000 तक हुई बारिश का औसत है।

चालू महीने में सामान्य बारिश का अनुमान
IMD पुणे के प्रमुख डी. पई ने बताया कि चार महीने तक चलने वाला बारिश का मौसम सितंबर में समाप्त हो जाता है। इस महीने सामान्य बारिश की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाला अल नीनो निष्प्रभावी हो चुका है। अल नीनो के कारण प्रशांत महासागर का समुद्री तल गर्म हो जाता है। पई ने कहा कि हिंद महासागर की सतह को ठंडा करने वाली घटनाओं का होना भारतीय मानसून के बेहतर रहने का संकेत है।

दक्षिण में 56 व मध्य संभाग में 39 फीसद ज्यादा बारिश
अगस्त में देश के 26 फीसद हिस्से में अत्यधिक व 22 फीसद में अधिक बारिश हुई। 20 फीसद हिस्से में सामान्य, जबकि 29 फीसद में कम बारिश हुई। IMD के दक्षिण व मध्य संभागों ने पाया कि वहां औसत से क्रमश: 56 और 39 फीसद ज्यादा बारिश हुई। दक्षिण संभाग में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह और लक्ष्यद्वीप आते हैं। कर्नाटक व केरल में तो अत्यधिक बारिश हुई है। मध्य भारत संभाग में 10 उप संभाग हैं। इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व ओडिशा शामिल हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात में अगस्त के दौरान जोरदार बारिश हुई, जिसके कारण यहां बाढ़ आ गई।

पूर्वी और पूर्वोत्तर से रूठे बादल, उत्तर-पश्चिम में भी किया निराश
अगस्त के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर संभाग में औसत से 38 फीसद, जबकि उत्तर-पश्चिम संभाग में एक फीसद कम बारिश हुई। पूर्वी और पूर्वोत्तर संभागों में पूर्वोत्तर के राज्य, बिहार, झारखंड, बंगाल तथा उत्तर-पश्चिम संभाग में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान आते हैं।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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