नई दिल्ली, प्रेट्र। इस बार मानसून पांच दिन की देरी से दस्तक देगा। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) की ओर से बुधवार को जारी अनुमान के मुताबिक, केरल में छह जून को मानसून का आगमन होगा। एक दिन पहले मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काइमेट वेदर ने अनुमान जताया था कि मानसून तीन दिन की देरी से यानी चार जून को केरल पहुंचेगा। केरल में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख एक जून है। इसी दिन से आधिकारिक तौर पर चार महीने का बरसात का मौसम शुरू होता है।

आइएमडी ने कहा कि इस साल केरल में मानसून की दस्तक में थोड़ी देरी हो सकती है। यह संभवत: छह जून को केरल पहुंचेगा। हालांकि आइएमडी ने स्पष्ट किया कि मानसून का आगमन अनुमान से चार दिन आगे या पीछे भी हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, 18-19 मई के दौरान अंडमान सागर, निकोबार द्वीप और नजदीकी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए सकारात्मक परिस्थितियां बन रही हैं।

मानसून में देरी पर सबकी एक राय
इस बार आइएमडी और स्काइमेट दोनों के पूर्वानुमान में यह बात है कि मानसून में देरी हो सकती है। अगर मानसून देरी से आया तो 2014 के बाद से ऐसा चौथी बार होगा। 2014 में मानसून पांच जून को, 2015 में छह जून को और 2016 में आठ जून को केरल पहुंचा था।

सामान्य से कुछ कम रहेगी बारिश
अप्रैल में अपने शुरुआती पूर्वानुमान में आइएमडी ने इस साल मानसून के दौरान औसत के 96 फीसद के बराबर बारिश होने की बात कही थी। इसे सामान्य और सामान्य से कम बारिश के बीच का स्तर माना जाता है। वहीं, स्काइमेट वेदर का अनुमान है कि बारिश औसत के 93 फीसद के बराबर रह सकती है। यह सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में आता है।

आगमन और कुल बारिश में नहीं है सीधा संबंध
पूरे मौसम के दौरान होने वाली कुल बारिश पर मानसून के आगमन में होने वाली देरी से बहुत ज्यादा असर नहीं होता है। पिछले साल केरल में मानसून सामान्य से तीन दिन पहले यानी 29 मई को पहुंच गया था। इसके बावजूद कुल बारिश सामान्य से कम रही थी। इसी तरह, 2017 में केरल में 30 मई को मानसून ने दस्तक दी थी और कुल बारिश औसत के 95 फीसद के बराबर हुई।

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Posted By: Prateek Kumar

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