नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि लक्षद्वीप के दक्षिणपूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके अगले 12 घंटे में और गहरा होने और अगले 24 घंटों में चक्रवात में तब्दील होने की आशंका है। अगले 72 घंटों के दौरान इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।

लिहाजा मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक केरल तट, लक्षद्वीप और उससे लगे दक्षिणपूर्व अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी गई है।विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, 10 जून को लक्षद्वीप, उससे लगे दक्षिणपूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर में समुद्र के बेहद अशांत रहने की संभावना है। 11 जून को उससे लगते मध्य और दक्षिणपूर्व अरब सागर में ऊंची-ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि लक्षद्वीप के दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर बना दवाब 31 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है। इसके चक्रवात में तब्दील होने के बाद 12 जून की शाम से गुजरात में भी इसका असर होगा और यह 13 और 14 जून तक रहेगा।

इसकी वजह से सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और भारी बारिश होगी। यहां भी मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इस संबंध में विभाग गुजरात सरकार के साथ बैठक भी कर रहा है।

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