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Instagram विवाद पर Meta की सफाई, अपना रहे 'जीरो टॉलरेंस' नीति; AI से हटा रहे हैं CSAM कंटेंट

Published: Sun, 05 Jul 2026 06:44 PM (GMT+05:30)

इंस्टाग्राम विवाद पर मेटा ने बच्चों के यौन शोषण सामग्री (CSAM) के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की बात कही है।

Instagram विवाद पर Meta की सफाई।  (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

Instagram विवाद पर Meta की सफाई। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. मेटा ने बच्चों के यौन शोषण पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।

  2. उन्नत AI तकनीक से CSAM कंटेंट का पता लगाकर हटाया जा रहा है।

  3. कंपनी 3.5 अरब यूजर्स के बीच अपराधियों से लगातार लड़ रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंस्टाग्राम विवाद पर मेटा की सफाई सामने आई है। मेटा ने रविवार को कहा कि वह बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को मांगने या शेयर करने, जिसमें विज्ञापन भी शामिल हैं, के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है।

कंपनी का कहना है कि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट का पहले से पता लगाने और उसे हटाने के लिए एडवांस्ड एआई तकनीक का इस्तेमाल करती है। साथ ही अपराधियों के खिलाफ अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करती रहती है।

मेटा के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा कि कंपनी उन अपराधियों से लगातार लड़ रही है जो उसके 3.5 अरब यूजर्स के बीच छिपकर उसके डिटेक्शन सिस्टम से बचने की कोशिश करते हैं।

बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर जीरे टॉलरेंस- मेटा

प्रवक्ता ने कहा, "CSAM को मांगने या शेयर करने (जिसमें विज्ञापन भी शामिल हैं) के मामले में मेटा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। हम नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट और लोगों का पहले से पता लगाने के लिए एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हम उन अपराधियों से लगातार लड़ रहे हैं जो हमारे 3.5 अरब यूजर्स के बीच छिप जाते हैं और हमारी पकड़ से बचने की कोशिश करते हैं।"

यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को निर्देश दिया है कि वे मेटा के अधिकारियों को तलब करें। यह मामला इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले कथित विज्ञापनों से जुड़ा है।

टेक्नोलॉजी कंपनी से स्पष्टीकरण मांग सकता है मंत्रालय

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय अमेरिका की इस टेक्नोलॉजी कंपनी से स्पष्टीकरण मांग सकता है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे आए और ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मालिक कंपनी मेटा से उसके विज्ञापन समीक्षा प्रोसेस, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम और अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट का पता लगाने, उसे हटाने और उसे रोकने के लिए अपनाए गए उपायों के बारे में भी जानकारी मांगी जा सकती है।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय कंपनी के एनफोर्समेंट मैकेनिज्म (नियम लागू करने की व्यवस्था) और गैर-कानूनी व हानिकारक कंटेंट के खिलाफ सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जानकारी मांग सकता है।

यह घटनाक्रम सरकार द्वारा व्हाट्सएप से भारत में उसके यूजरनेम फीचर के रोलआउट को बातचीत पूरी होने तक टालने के लिए कहने के कुछ दिनों बाद सामने आया है। इसके जवाब में, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया कि यूज़रनेम वैकल्पिक होंगे और कहा कि इस साल के आखिर में व्यापक रोलआउट से पहले, गलत पहचान, स्कैम और अनचाहे संपर्क को रोकने के लिए इस फीचर में कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)