जेएनएन, कोलकाता। हल्दिया पोर्ट से करीब 60 नॉटिकल मील (करीब 111 किलोमीटर) दूर बंगाल की खाड़ी में व्यापारिक जहाज एमवी एसएसएल कोलकाता में भीषण आग लग गई, जिससे हड़कंप मच गया। कोस्ट गार्ड की टीम ने राहत व बचाव कार्य शुरू करते हुए जहाज पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों को बचा लिया। हालांकि, जहाज का 70 फीसद हिस्सा जल चुका था। उक्त जहाज पर 464 कंटेनर लदे हैं।

-आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम से 464 कंटेनर लेकर जहाज आ रहा था हल्दिया

-विस्फोट की वजह से आग लगने की जताई जा रही आशंका

जब इसकी जानकारी भारतीय तटरक्षक बल को मिली तो उसने अपने जहाज 'राजकिरण' को फौरन राहत एवं बचाव कार्य के लिए रवाना किया। तटरक्षक बल का जहाज सुबह आठ बजे व्यापारिक जहाज के नजदीक पहुंचा। तब तक एमवी एसएसएल कोलकाता के 70 फीसद हिस्से में आग फैल चुकी थी। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती गई। इसके बाद जहाज के कैप्टन ने उसको छोड़ने का फैसला किया। तटरक्षक बल ने अभियान चलाकर सभी 22 चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक जहाज से निकाल लिया।

तटरक्षक बल के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल कुलदीप सिंह श्योराण ने बताया कि व्यापारिक जहाज में लदे कंटेनर से समंदर में तेल नहीं फैला है। अगर ऐसा हुआ भी होगा तो तटरक्षक बल इसको देखेगा। मर्चेंट वेसल एसएसएल कोलकाता 464 कंटेनर लेकर जा रहा था। हमने चालक दल के सभी सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया है।

विस्फोट की वजह से लगी आग

हादसे का शिकार हुआ जहाज एक कंटेनर कैरियर था और कृष्णापट्टनम से 22 क्रू मेंबर्स के साथ कोलकाता के लिए रवाना हुआ था। बताया जाता है कि एक कंटेनर मे ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई और फिर यह आग 60 कंटेनर्स तक फैल गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी और जहाज का क्रू भी आग को बुझाने में नाकाम साबित हो रहा था।

Posted By: Bhupendra Singh