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इस गांव में शौक नहीं मजबूरी है दूसरी शादी, कारण जान रह जाएंगे हैरान

शौक नहीं बल्‍कि परंपरा के कारण दूसरी शादी के लिए मजबूर हैं इस गांव के लोग क्‍योंकि यहां पहली पत्‍नी से संतान की प्राप्‍ति नहीं होती है।

By Monika minalEdited By: Published: Thu, 21 Jul 2016 11:58 AM (IST)Updated: Thu, 21 Jul 2016 05:22 PM (IST)
इस गांव में शौक नहीं मजबूरी है दूसरी शादी, कारण जान  रह जाएंगे हैरान

बाड़मेड़। राजस्थान के एक गांव में अजीबोगरीब परंपरा है, मन नहीं होने पर भी यहां के हर पुरुष को दो शादियां करनी होती है। और इसके पीछे का कारण जान हैरान रह जाएंगे आप।

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भारत-पाक सीमा के निकट बारमेड़ जिले का छोटा सा गांव डेरासर है जहां 600 से अधिक की जनसंख्या नहीं है। लेकिन यहां हर पुरुष की दो पत्नियां हैं। इसके पीछे कारण यह नहीं की इन्हें दो महिलाओं से शादी करने का शौक है बल्कि यह यहां की अजीबो-गरीब परंपरा है।

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इंडिया टुडे के अनुसार, डेरासर में करीब 70 मुस्लिम परिवार रहते हैं। इस्लाम में एक से अधिक शादियों की अनुमति है लेकिन इस गांव में दो बार शादी, धर्म नहीं बल्कि लोगों की पारंपरिक सोच के कारण होती है।

इस अजीबो गरीब परंपरा के अनुसार, वहां के लोगों के बीच यह मान्यता है कि यदि आप केवल एक शादी करते हैं तो आपको पहली पत्नी से संतान का सुख नहीं मिलेगा। कई वर्षों तक यहां ऐसा ही हुआ है और इसे देखा गया है, कि दूसरी शादी होते ही संतान की प्राप्ति हो जाती थी।

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इस गांव के लोगों ने आधी उम्र तक पहली पत्नी से संतान होने का इंतजार किया। ग्रामीण इस तथ्य के गवाह हैं कि दूसरी शादी होते ही बच्चे की प्राप्ति हो गयी।


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